बरेली। बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड ने रोहिलखंड लेबोरेटरी एंड रिसर्च सेंटर के साथ मिलकर कैंटोनमेंट क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता की वैज्ञानिक निगरानी शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना तथा जल स्रोतों की नियमित जांच सुनिश्चित करना है। आरएलआरसी की वैज्ञानिक टीम ने निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत कैंटोनमेंट क्षेत्र के नौ प्रमुख स्थानों से जल के नमूने एकत्र किए। इनमें ट्रेंचिंग ग्राउंड का भूजल और टैंक का पानी, थिरिया पुल व धोपा मंदिर के पास नकटिया नदी का जल, तालाब का पानी, कैंटोनमेंट बोर्ड कार्यालय, सदर क्षेत्र की ओवरहेड टैंक तथा दो आवासीय क्षेत्रों के नल के पानी के नमूने शामिल हैं। सभी नमूनों की प्रयोगशाला में भौतिक, रासायनिक और अन्य आवश्यक मानकों के आधार पर जांच की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर जल गुणवत्ता का आकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम और निगरानी की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यह अभियान नाथ गंगा परियोजना का हिस्सा है, जिसके तहत नकटिया नदी की स्वच्छता, संरक्षण और पुनर्जीवन पर कार्य किया जा रहा है। कैंटोनमेंट बोर्ड की सीईओ डॉ. तनु जैन ने कहा कि बोर्ड स्वच्छ, हरित और सतत कैंटोनमेंट विकसित करने के लिए पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को प्राथमिकता दे रहा है।