बरेली। उत्तर प्रदेश के सरकारी आयुष कॉलेजों के इंटर्न्स ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मासिक स्टाइपेंड ₹7,500 से बढ़ाकर ₹25,000 किए जाने की मांग की है। इस संबंध में प्रशांत कुमार, स्मृति पांडेय , स्नेह कुमार , मंजीत ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को दिया मुख्यमंत्री , अधिकारियों तक अपनी मांग पहुंचाने का अनुरोध किया है। इंटर्न्स का कहना है कि वर्तमान में उन्हें केवल ₹7,500 प्रतिमाह, यानी लगभग ₹250 प्रतिदिन स्टाइपेंड मिलता है, जो मौजूदा महंगाई और जीवन-यापन की लागत के हिसाब से बेहद कम है। उनका कहना है कि 4.5 वर्ष की चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद इंटर्नशिप के दौरान वे अस्पतालों में वार्ड ड्यूटी, मरीजों की निगरानी, चिकित्सीय प्रक्रियाओं में सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं देते हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि इतनी कम राशि से आवास, भोजन, परिवहन, इंटरनेट, अध्ययन सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसे आवश्यक खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया है। इंटर्न्स ने यह भी उल्लेख किया कि कई राज्यों में आयुष इंटर्न्स को उत्तर प्रदेश से अधिक स्टाइपेंड दिया जाता है। पश्चिम बंगाल में ₹29,733, बिहार में ₹27,000, कर्नाटक में ₹25,000 और केरल में ₹23,000 तक स्टाइपेंड दिया जा रहा है। इंटर्न्स ने NCISM की 16 फरवरी 2022 की अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि आयुष इंटर्न्स को अन्य चिकित्सा प्रणालियों के इंटर्न्स के बराबर स्टाइपेंड दिए जाने का प्रावधान है। उनका कहना है कि जब उत्तर प्रदेश में MBBS और BDS इंटर्न्स का स्टाइपेंड ₹25,000 प्रतिमाह किया जा चुका है, तो आयुष इंटर्न्स को भी समान और न्यायसंगत स्टाइपेंड दिया जाना चाहिए। ज्ञापन के दौरान प्रशांत कुमार, स्मृति पांडेय , स्नेह कुमार , मंजीत, अनिल, आकाश, अमित, अशर, अर्पित , शालीन, रवि अग्रहरि, एवं समस्त आयुष छात्र मौजूद थे।