बरेली। किसान एकता संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉक्टर रवि नागर के नेतृत्व में किसानों ने बिथरी विधायक के अस्पताल के बाहर धरना दिया और सात सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन बिथरी चैनपुर विधायक डॉक्टर राघवेंद्र शर्मा को सौंपा। किसानों ने स्मार्ट विद्युत मीटर तत्काल हटाने और बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने समेत विभिन्न मांगें उठाईं। डॉक्टर रवि नागर ने कहा कि किसान आंदोलन 2020-21 के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्र सरकार के बीच हुए समझौते पर अब तक अपेक्षित अमल नहीं हुआ है। किसानों ने सरकार से समझौते में शामिल किसान हित की मांगों को लागू करने की मांग की। ज्ञापन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों की फसलों की खरीद की गारंटी के लिए कानून बनाने, देश के सभी किसानों की पूर्ण कर्जमाफी, किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को 25 लाख रुपये राहत मुआवजा देने और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को तत्काल रद्द करने की मांग की गई। इसके अलावा स्मार्ट विद्युत मीटर तत्काल हटाने, बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने तथा चारों श्रम संहिताओं को तत्काल समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसान और मजदूर हित से जुड़ी इन मांगों की अनदेखी की तो संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर 26 नवंबर से फिर निरंतर संघर्ष शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन के दौरान यज्ञ प्रकाश , उमेश शर्मा , गिरीश गोस्वामी , संजय यादव , डॉक्टर भारती, प्रदीप यादव , संजय पाठक , आजाद , श्रीराम गौतम , महेंद्र मौर्य , दीपक शर्मा , राजेंद्र , विजय कुमार , सुशील सिंह , प्रशांत , सुरेन्द्र तिवारी आदि मौजूद रहे ।