उर्स-ए-रज़वी में दुनिया भर के उलेमा व सज्जादगान मज़हब-ए-इस्लाम, सुन्नियत,शान्तिवाद व मानवतावाद जैसे मुद्दों पर करेगें तक़रीरे
बरेली। इस्लामिया मैदान में आयोजित होने वाले 108 वें उर्स-ए-रज़वी में दुनियाभर से आने वाले उलेमा व वक्ताओं को तकरीर करने के लिए विशेष टाॅपिक दिए जायेंगे। आज दरगाह प्रमुख हज़रत मौलाना सुब्हान रज़ा खान (सुब्हानी मियां) व सज्जादानशीन बदरूशरिया मुफ्ती अहसन मियाॅ ने मदरसा मंजरे इस्लाम के उलेमा व शिक्षकों के साथ उर्से रज़वी की तैयारियों व रूपरेखा को लेकर बैठक सय्यद आसिफ मियां,मुफ्ती अकिल रज़वी,मुफ्ती सलीम नूरी,मुफ्ती सय्यद कफील हाशमी आदि की मौजूदगी में की।
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि हर साल देश-विदेश के सुन्नी,सूफी,खानकाही,बरेलवी मुसलमानों तक उर्से रजवी के स्टेज से खास पैगाम दिया जाता रहा है। इस साल भी उलेमा की तकरीरों के लिए विषय तय किये गए है। इस संबंध में दरगाह प्रमुख हज़रत सुब्हानी मियां व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने उलेमा को तकरीर करने के लिए जो टॉपिक दिए गए है वो उनमें मुख्य इस तरह है: मज़हब ए इस्लाम के फराइज़ और उस पर अमल की ताकीद,कुरान और नबी-ए-करीम के मुताबिक ज़िंदगी गुजारने का तरीका,तहफ़ुज़ मज़हब-ओ-मसलक,सुन्नी सूफी बरेलवी विचारधारा जिसे मसलक-ए-आला हज़रत कहते है उसकी शिक्षा और उसके रास्ते पर मजबूती के साथ चलने का संकल्प,अहले सुन्नत वल जमात और खानकाहों में इत्तेहाद की ज़रूरत पर जोर,मुस्लिम बेटियां और उनके बहकते कदम,बच्चों की तालीम(शिक्षा) और तरबियत(संस्कार),सामाजिक बुराइया जैसे नशाखोरी,जुआ,महिलाओं के साथ होने वाली ज़ुल्म व ज़्यादती,बढ़ती दुष्कर्म की घटनाएं,सूदी(ब्याज)कारोबार,आपसी लड़ाई-झगड़े और हत्याए,शिक्षा के क्षेत्र में मुसलमानों का पिछड़ापन,शादियों में फुजूलखर्ची,निकाह को आसान करने जैसे अहम मुद्दों के साथ ही सोशल मीडिया पर भडकाउ,आपत्तिजनक,भावनाओ को आहत करने व देश व दुनिया के अमन-चैन और शान्ति को प्रभावित करने वाली गैर कानूनी सामग्री को अपलोड व फारवर्ड करने से बचने और सोशल मीडिया के उपयोग में सावधानी बरतने की नौजवानों से भी उलमा अपीले करेंगे। अपने-अपने इलाको मे इस्लाम की अमन व शान्ति वाली शिक्षा और उसके शान्तिवाद,शरई मालदार मुसलमान सदके व जकात की रकम का हिसाब लगा कर पूरी रकम मुस्तहिक जरूरतमंद जैसे बीमार,शिक्षा हासिल कर रहे छात्र,बेरोजगार,बीमार,बेटियों की शादी में उन्हें एकमुश्त अपनी ज़कात की रकम देकर मालिक बना देने की अपील भी उर्स के स्टेज से उलेमा करेंगे।















































































