बदायूं ।उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश (पंजीकृत) के प्रदेश अध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू ने डिजिटल भुगतान माध्यम यूपीआई (UPI) पर किसी भी प्रकार का टैक्स या शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं और प्रस्तावों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। प्रदेश युवा अध्यक्ष ने इसे ‘डिजिटल इंडिया’ मुहिम के मूल सिद्धांतों के खिलाफ और देश के छोटे-मझोले व्यापारियों व आम जनता के साथ घोर अन्याय बताया है।जारी प्रेस विज्ञप्ति मे उद्योग व्यापार प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश के प्रदेश युवा अध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू ने कहा कि देश के व्यापारियों ने प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया और कैशलेस इकोनॉमी के सपने को साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत की है। गली-कूचे के छोटे से छोटे दुकानदार ने भी बिना किसी झिझक के यूपीआई को अपनाया। आज जब देश का व्यापार पूरी तरह डिजिटल लेनदेन पर निर्भर हो चुका है, तब सरकार द्वारा इस पर टैक्स लगाने का विचार करना व्यापारियों के साथ एक बड़ा धोखा है।नवनीत गुप्ता शोंटू ने चेतावनी देते हुए कहा, “यूपीआई पर किसी भी प्रकार का कर लगाने से न केवल व्यापार जगत प्रभावित होगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था फिर से नकदी (कैश) लेनदेन की तरफ लौट जाएगी। यदि सरकार ने इस जनविरोधी और व्यापार विरोधी नीति को वापस नहीं लिया, तो उत्तर प्रदेश का लाखों व्यापारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।” संगठन ने सरकार से मांग की है कि डिजिटल लेनदेन को पूरी तरह से मुफ्त और सुरक्षित बनाए रखा जाए, ताकि छोटे व्यापारियों का उत्पीड़न रुक सके और देश का आर्थिक ढांचा सुदृढ़ बना रहे।