कांवड़ यात्रा: बरेली परिक्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 14 हजार से अधिक पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
बरेली। आगामी श्रावण मास एवं कांवड़ यात्रा को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) बरेली परिक्षेत्र अजय कुमार साहनी ने बुधवार को परिक्षेत्रीय कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
डीआईजी ने बताया कि पूरे परिक्षेत्र को 8 सुपर जोन, 26 जोन, 82 सेक्टर और 220 सब-सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 14,392 नागरिक पुलिसकर्मी, 577 यातायात पुलिसकर्मी, 14.5 प्लाटून पीएसी, दो सेक्शन फ्लड पीएसी और दो एसडीआरएफ टीमों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 16 ड्रोन, 94 पीए सिस्टम, 205 जल सेवा केंद्र, 144 कांवड़ शिविर, 92 मिशन शक्ति केंद्र, 134 चिकित्सा शिविर, 153 पुलिस सहायता केंद्र, 52 कंट्रोल रूम और 51 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि सभी कांवड़ शिविरों के लिए अनुमति अनिवार्य होगी। शिविर सड़क से सुरक्षित दूरी पर लगाए जाएंगे तथा प्रत्येक शिविर में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन उपकरण और सेवादारों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होंगे। महिला कांवड़ियों के लिए अलग शौचालय, विश्राम कक्ष, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और मिशन शक्ति स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
डीआईजी ने कहा कि परिक्षेत्र के सभी जिलों में आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर) के माध्यम से कांवड़ मार्ग, प्रमुख घाटों और चौराहों की 24 घंटे निगरानी होगी। श्रद्धालुओं को आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे, जिन पर संबंधित थाना प्रभारी और हल्का प्रभारी का मोबाइल नंबर अंकित रहेगा। ग्राम प्रधानों और कांवड़ जत्थों के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए नोडल उपनिरीक्षक भी नियुक्त किए जाएंगे।
यातायात व्यवस्था के तहत आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों के लिए अलग रूट और समय निर्धारित किया गया है। मार्गों पर रिफ्लेक्टरयुक्त बैरियर लगाए जाएंगे तथा दुर्घटना की स्थिति में पुलिस का रिस्पांस टाइम न्यूनतम रखने के निर्देश दिए गए हैं। कांवड़ मार्ग के आसपास अस्पतालों में बेड आरक्षित रहेंगे और मोटर बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी।
घाटों पर एसडीआरएफ, फ्लड पीएसी, नाव, गोताखोर, लाइफ जैकेट, बैरिकेडिंग और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वहीं बरेली के प्रमुख सात नाथ मंदिरों सहित सभी प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, प्रकाश और लाइन व्यवस्था कराई जाएगी।
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने बताया कि रेलवे लाइन और बिजली के तारों की सुरक्षा को देखते हुए कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट निर्धारित की गई है। डीजे वाहनों के लिए भी निर्धारित मानकों और 75 डेसीबल ध्वनि सीमा का पालन अनिवार्य होगा।
अंत में डीआईजी ने नागरिकों से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित बनाने में सहयोग की अपील की।















































































