कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने एसएचओ सिविल लाइंस और एसएसपी के विरुद्ध पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव गृह को भेजी शिकायत
बदायूँ । कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने एसएचओ सिविल लाइंस हरेंद्र मलिक और एसएसपी अंकिता शर्मा के विरुद्ध पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव गृह को शिकायत भेजी है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने अपनी गैर मौजूदगी में नेकपुर स्थित उनके आवास पर पहुंचकर पत्नी प्रियंका यादव को आत्महत्या की धमकी देने ,निजता के अधिकार का उल्लंघन करने ,अनुचित दबाव बनाने, मानसिक प्रताणना करने , फर्जी मुकदमें लगाने की धमकी देने , महिला अधिकारों का हनन करने पर सिविल लाइंस थाना बदायूँ के एसएचओ हरेंद्र मलिक व एसएसपी बदायूँ अंकिता शर्मा के विरुद्ध कार्यवाही हेतु पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव गृह को ईमेल से शिकायत भेजी है।
ईमेल से भेजी शिकायत में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने बताया है कि 23 जुलाई को सुबह 7.30 पर एसएचओ थाना सिविल लाइंस बदायूँ हरेंद्र मलिक नेकपुर सिविल लाइंस बदायूँ स्थित उनके आवास पर पहुंचे और उनकी अनुपस्थिति में पत्नी प्रियंका यादव से कहा कि अजीत यादव हमें बिना बताए जंतर मंतर दिल्ली में चल रहे छात्रों के आंदोलन में शामिल होने क्यों चले गए। उनसे कहिए कि अजीत यादव तत्काल बदायूँ वापस आ जाएं नहीं तो मैं आपके आवास पर आत्महत्या कर लूंगा। एसएचओ हरेंद्र मलिक ने अपनी सर्विस रिवाल्वर निकाली और अपनी कनपटी पर रखते हुए आत्महत्या की धमकी देते हुए उनकी पत्नी प्रियंका यादव से कहा कि तत्काल अपने पति अजीत यादव को फोन लगाइए और बदायूँ वापस आने के लिए कहिए।इससे हैरान परेशान उनकी पत्नी प्रियंका यादव ने फोन लगाकर उन्हें बताया कि एसएचओ हरेंद्र मलिक ने सर्विस रिवाल्वर निकालकर अपनी कनपटी पर लगा लिया है और कह रहे हैं कि यदि आप तत्काल दिल्ली से वापस नहीं आए तो वे यहीं आत्महत्या कर लेंगे। यह सुनकर उन्होंने फोन पर एसएचओ हरेंद्र मलिक से बात कराने को कहा। पत्नी के फोन से उन्होंने एसएचओ हरेंद्र मलिक से बात की और उनके इस कृत्य पर एतराज जताया। एसएचओ हरेंद्र मलिक ने कहा कि एसएसपी बदायूँ का आदेश था कि आपको दिल्ली न जाने दिया जाए। आप हमसे बिना बताए दिल्ली कैसे चले गए .मेरी नौकरी चली जाएगी आप वापस बदायूँ आ जाइए .जंतर मंतर पर धरने में मत शामिल होइए नहीं तो मैं आपके आवास पर आत्महत्या करने जा रहा हूँ।उन्होंने कहा कि वे तो 22 जुलाई की रात को ही जंतर मंतर दिल्ली पर छात्रों के धरने में जाकर समर्थन कर चुके हैं और फेसबुक पर इसका वीडियो मौजूद है। तो एसएचओ हरेंद्र मलिक ने कहा कि वे फेसबुक से वह वीडियो डिलीट कर दें । उनके एतराज जताने पर एसएचओ हरेंद्र मलिक ने धमकी देते हुए कहा कि बहुत बड़े नेता बन रहे हो विधायक बनने के लिए मेरी नौकरी खाना चाहते हो इतने मुकदमे लगाऊंगा कि सब राजनीति धरी रह जाएगी।एसएचओ हरेंद्र मलिक ने एसएसपी अंकिता शर्मा से उनकी पत्नी प्रियंका यादव की फोन पर बात कराई जिसमें एसएसपी अंकिता शर्मा ने भी उनकी पत्नी प्रियंका यादव को धमकाया।
शिकायत में कहा गया है कि इस घटना से उनकी पत्नी प्रियंका यादव को काफी मानसिक आघात पहुंचा है और वे अवसाद में चली गई हैं। बिना किसी महिला पुलिस कर्मी को साथ लिए उनकी अनुपस्थित आवास पर अकेली मौजूद उनकी पत्नी प्रियंका यादव से पूछताछ कर और अनुचित दबाब बनाकर एसएचओ हरेंद्र मलिक ने महिला अधिकारों का उल्लंघन किया है ।
उन्होंने शिकायत में कहा है कि एसएचओ हरेंद्र मलिक और एसएसपी अंकिता शर्मा का यह कृत्य पुलिस एक्ट के प्रावधानों , संविधान में प्रदत्त नागरिक अधिकारों और मानवाधिकारों समेत उनके निजता के अधिकार का घोर उल्लंघन है। एक नागरिक होने के नाते उन्हें देश में कहीं भी स्वतंत्र तौर पर आने जाने का संवैधानिक अधिकार है। किसी सक्षम न्यायालय ने उनके दिल्ली जंतर मंतर पर जाने पर रोक नहीं लगाई है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और प्रमुख सचिव गृह को मामले का संज्ञान लेने और आत्महत्या की धमकी देने और निजता के अधिकार का उल्लंघन करने ,अनुचित दबाव बनाने, मानसिक प्रताणना करने ,फर्जी मुकदमें लगाने की धमकी देने और महिला अधिकारों का हनन करने पर सिविल लाइंस थाना बदायूँ के एसएचओ हरेंद्र मलिक व एसएसपी बदायूँ अंकिता शर्मा के विरुद्ध कार्यवाही करने का अनुरोध किया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने बताया कि उनकी पत्नी प्रियंका यादव एसएचओ हरेंद्र मलिक के विरुद्ध कार्यवाही के लिए महिला आयोग में याचिका दायर करेंगी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने बताया कि वे 22 जुलाई की रात में जंतर मंतर दिल्ली में छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने पहुंच गए थे। अभी दिल्ली में रहकर छात्र आंदोलन में सहयोग कर रहे हैं।कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा जनपद बदायूँ में कांग्रेस की सक्रियता और बढ़ते जनसमर्थन से डर गई है इसलिए उनको और उनके परिवार का उत्पीड़न किया जा रहा है। कहा कि वे योगी सरकार और पुलिस की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं ।छात्रों के आंदोलन का समर्थन अंतिम दम तक करते रहेंगे। कहा कि छात्र आंदोलन की मांगें जायज हैं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें , 20 जुलाई को संसद मार्च में छात्र छात्राओं पर पुलिस दमन के दोषियों को सजा दी जाए और प्रधानमंत्री मोदी देश से माफी मांगे । इन मांगों पर आंदोलन जारी रहेगा। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, वायनाड सांसद प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता छात्र युवाओं के संघर्ष का समर्थन करते रहेंगे।















































































