बाबा इंटरनेशनल स्कूल में उत्साह के साथ मनाया गया ‘येलो डे’, पीली वेशभूषा में पहुंचे नन्हे-मुन्ने बच्चे
बिल्सी। बाबा इंटरनेशनल स्कूल में गुरुवार को कक्षा पी.जी. से के.जी. तक के विद्यार्थियों के लिए ‘येलो डे’ का आयोजन बड़े ही उत्साह, उल्लास और रंगारंग माहौल में किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर पीले रंग की छटा से सराबोर नजर आया। नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी आकर्षक पीली वेशभूषा पहनकर विद्यालय पहुंचे, वहीं कक्षाओं को पीले रंग के गुब्बारों और सुंदर सजावट से आकर्षक रूप दिया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय, निदेशिका साधना वार्ष्णेय तथा प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने किया। इस अवसर पर बच्चों को पीले रंग के महत्व, उपयोगिता और उसके सकारात्मक प्रभावों की जानकारी सरल एवं रोचक तरीके से दी गई। विद्यार्थियों ने पीले रंग की विभिन्न वस्तुओं की पहचान की, रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लिया और खेल-खेल में सीखने का आनंद उठाया।विद्यालय के डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय ने कहा कि येलो डे का उद्देश्य बच्चों को रंगों के महत्व से परिचित कराना और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। उन्होंने बताया कि सनातन धर्म में पीले रंग का संबंध देवगुरु बृहस्पति से माना जाता है, जो ज्ञान, सकारात्मकता और शुभता के प्रतीक हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी पीला रंग ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मक सोच का संचार करता है।प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने कहा कि पीला रंग जीवन में प्रसन्नता, आशावाद और शुभता का प्रतीक है। यह बच्चों के मानसिक एवं भावनात्मक विकास में सहायक होने के साथ-साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं में भी पीले रंग का विशेष महत्व है।कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने पीले रंग से संबंधित शिक्षण सामग्रियों एवं कलात्मक गतिविधियों में भाग लेकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रशासक अमित माहेश्वरी सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। विद्यालय परिवार ने बच्चों के उत्साह और सहभागिता की सराहना करते हुए ऐसे रचनात्मक आयोजनों को भविष्य में भी जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।















































































