मुल्क का मुस्तक़बिल हैं नौजवान, उनकी बात सुने और माने हुकूमत – मौलाना अदनान रज़ा
बरेली। नबीरा-ए-आला हज़रत व ऑल इंडिया रज़ा एक्शन कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी ने एक बयान जारी कर पेपर लीक और दिल्ली में नौजवानों के विरोध प्रदर्शन से लेकर जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे तक अपनी राय का इज़हार किया है। नबीरा-ए-आला हज़रत ने कहा है कि शिक्षा के मामले में पक्षपात न सिर्फ़ होनहार नौजवानों के लिए बल्कि पूरे मुल्क के लिए घातक है। इसलिए हुकूमतों को चाहिए कि नौजवानों की बात ग़ौर से सुनें और मानें भी। उन्होंने कहा कि मानक पूरे कर जौहर यूनिवर्सिटी चलाई जाए ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे।मौलाना अदनान रज़ा क़ादरी ने कहा कि पेपर लीक के मुद्दे पर लाखों नौजवान परेशान हैं। उनकी माँगें अनुसुनी करना उनके मुस्तक़बिल से खिलवाड़ होगा। लिहाज़ा हुकूमत को उनकी बात सुननी भी चाहिए और माननी भी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला ज़िद का नहीं है, बच्चों के मुस्तक़बिल का है। चंद अफ़सरों को इधर-उधर करके बात टाली नहीं जा सकती। केंद्र की हुकूमत को चाहिए कि छात्रों की माँग मानकर शिक्षा मंत्री से इस्तीफ़ा लिया जाए और लीक-प्रूफ़ एग्ज़ाम सिस्टम तैयार करे। इसी तरह उत्तर प्रदेश की हुकूमत को भी रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले हज़ारों बच्चों के मुस्तक़बिल का ख़्याल करते हुए यूनिवर्सिटी को बचाने का रास्ता निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी एक शख़्स के लिए लाखों बच्चों की ज़िंदगियों से खिलवाड़ करना अमानवीय है। नियम और क़ानून आम जनता की सहूलियत के लिए बनाए जाते हैं। हुकूमतों का इक़बाल तभी बुलंद रहता है जब वो ऐसे नियम-क़ानून लागू करें जिनसे नुक़सान के बजाय आम लोगों का फ़ायदा हो। उत्तर प्रदेश की हुकूमत चाहे तो जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने का कोई न कोई रास्ता निकाल सकती है और उसे
निकालना भी चाहिए।नबीरा-ए-आला हज़रत ने छात्रों से भी अपील की है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठियाँ बरसाने वालों को शर्म आनी चाहिए। यह सब अपने देश के बच्चे हैं। इनको चोट लगने का मतलब है कि पूरे मुल्क का दिल दुखाया जा रहा है।















































































