बरेली। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) की बरेली इकाई ने जिला अध्यक्ष यशपाल सिंह एडवोकेट के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिला प्रशासन पर सामाजिक, श्रमिक और जनसंगठनों के कार्यकर्ताओं के अभिव्यक्ति, शांतिपूर्ण सभा, आवागमन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे संवैधानिक अधिकारों के कथित उल्लंघन का आरोप लगाया गया।ज्ञापन में कहा गया कि मई दिवस से पहले कुछ श्रमिक संगठनों के कार्यकर्ताओं को कथित रूप से बिना लिखित आदेश रोका गया, जिससे वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। इसके अलावा मई दिवस आयोजन की अनुमति समय पर न दिए जाने तथा 30 जून को मुख्यमंत्री के बरेली दौरे के दौरान कुछ सामाजिक एवं श्रमिक नेताओं को घरों से बाहर निकलने से कथित रूप से रोके जाने का भी उल्लेख किया गया। पीयूसीएल ने औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, ओवरटाइम, पीएफ, ईएसआई और बोनस जैसे वैधानिक लाभ न मिलने की शिकायतों का भी हवाला देते हुए कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। संगठन ने राष्ट्रपति से पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराने, संबंधित अधिकारियों से तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब करने, शांतिपूर्ण सभा एवं ज्ञापन की अनुमति के लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा श्रमिक, किसान और सामाजिक कार्यकर्ताओं के अधिकारों की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन के दौरान ध्यान चंद्र , संजीव मेहरोत्रा, कृष्णपाल , वी पी सिंह आदि मौजूद रहे।