बदायूँ के मदर एथीना स्कूल के दो होनहारों ने रचा सफलता का इतिहास, प्रथम प्रयास में नीट फतह
बदायूं। कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से असंभव लक्ष्य भी संभव हो जाते हैं। इस बात को सच साबित करते हुए बदायूं के प्रतिष्ठित मदर एथीना स्कूल के दो मेधावी विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 2026 में प्रथम प्रयास में शानदार सफलता हासिल कर विद्यालय, परिवार और पूरे जिले का नाम रोशन किया है।विद्यालय के प्रतिभाशाली छात्र सक्षम प्रताप सिंह (राजपूत) ने नीट परीक्षा में 99.28 परसेंटाइल प्राप्त करते हुए ऑल इंडिया रैंक 13,914 तथा सामान्य श्रेणी में 5,501वीं रैंक हासिल की है। सक्षम ने 562 अंक अर्जित कर राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया है। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि उन्होंने यह उपलब्धि 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ ही प्रथम प्रयास में हासिल की, जो उनकी असाधारण प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम का प्रमाण है।इसी क्रम में विद्यालय के दूसरे होनहार छात्र हिमांशु पुष्कर ने भी अपने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 19,385 प्राप्त कर एमबीबीएस में प्रवेश का सपना साकार किया है। दोनों विद्यार्थियों की इस शानदार सफलता से विद्यालय में उत्सव जैसा माहौल है और शिक्षकों, अभिभावकों तथा सहपाठियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।विद्यालय प्रबंधन ने इस उपलब्धि को विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन और अभिभावकों के निरंतर सहयोग का संयुक्त परिणाम बताया। उनका कहना है कि दोनों छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता अवश्य मिलती है।गौरवपूर्ण अवसर पर मदर एथीना स्कूल की निदेशिका चयनिका सारस्वत ने दोनों सफल विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि सक्षम प्रताप सिंह और हिमांशु पुष्कर की सफलता विद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए प्रेरणास्रोत है। यह परिणाम इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासित अध्ययन और सकारात्मक सोच के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मदर एथीना स्कूल सदैव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है।सक्षम राजपूत की सफलता के पीछे परिवार का भी बड़ा योगदान रहा है। शहर के मोहल्ला पटेल नगर निवासी सक्षम के पिता रामबहादुर राजपूत इंटर कालेज में अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता प्रतिभा सिंह बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय मझिया में शिक्षिका हैं। सक्षम शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं और प्रत्येक कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते आए हैं।

सक्षम के बड़े भाई डॉ. दिव्यांश राजपूत ने भी वर्ष 2020 में प्रथम प्रयास में ही एमबीबीएस में सफलता प्राप्त की थी। बड़े भाई की उपलब्धि और मार्गदर्शन ने सक्षम को भी निरंतर प्रेरित किया। सक्षम अपने बड़े भाई को अपना रोल मॉडल मानते हैं और अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों तथा बड़े भाई के मार्गदर्शन को देते हैं।नीट में शानदार सफलता के बाद सक्षम ने कहा कि उनका पहला सपना एक कुशल डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है। इसके बाद वह सिविल सर्विसेज परीक्षा की तैयारी करेंगे ताकि प्रशासनिक सेवा में जाकर देश और समाज के लिए और व्यापक स्तर पर कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और परिवार के सहयोग से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।सक्षम की सफलता से उनके बाबा बद्री सिंह, दादी रेशम देवी, नाना ओमप्रकाश राजपूत, नानी शीलवाला सहित पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। नीट परिणाम घोषित होने के बाद से ही रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक लगातार उनके घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। परिवार ने दोनों विद्यार्थियों की इस ऐतिहासिक सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सक्षम प्रताप सिंह (राजपूत) और हिमांशु पुष्कर भविष्य में उत्कृष्ट चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करेंगे तथा अपने विद्यालय, परिवार और बदायूं जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक गौरवान्वित करेंगे। उनकी सफलता जिले के हजारों विद्यार्थियों के लिए एक नई प्रेरणा बनकर सामने आई है।















































































