उझानी : अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार से निकली ज्योति कलश रथ यात्रा का मुहल्ला श्रीनारायणगंज स्थित सुखपाल शर्मा के आवास पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथ यात्रा का अभिनंदन किया। मातृशक्तियों एवं देवकन्याओं ने परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष, 2400 तीर्थों के जल एवं रज से युक्त शक्ति कलश, सौ वर्षों से प्रज्ज्वलित अखंड दीप के दर्शन-पूजन कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। शाम को विराट दीपयज्ञ हुआ। तीन कुण्डीय गायत्री महायज्ञ के आध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित हो उठा। श्रद्धालुओं ने एक बुराई का त्याग कर एक अच्छाई ग्रहण करने का संकल्प लिया।गायत्री शक्तिपीठ के नत्थूलाल शर्मा ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का प्राण है। जीवन में स्वार्थ, आलस्य और बुराइयों का त्याग कर बच्चों को सद्गुणों से सींचें।गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि हम बच्चों को मोबाइल नहीं, संस्कारों से जोड़ें, करुणा, सेवा, श्रम और सदाचार का पाठ पढ़ाएं। परिश्रम ही सफलता का मूलमंत्र है। वरिष्ठ ट्रस्टी सुखपाल शर्मा एवं डा. सोहनपाल ने वेदमंत्रोच्चारण कर पूजन सम्पन्न कराया। रथ चालक राकेश कुमार सिंह ने प्रज्ञा सुनाए। मुख्य यजमान भुवनेश शर्मा ने गुरु पूजन, डा.सोहनपाल ने शक्ति कलश और आर्येंद्र सिंह, ध्रुव यादव, रामनिवास शर्मा, राम प्रसाद सौरभ ने अखंड दीप का पूजन किया। इस मौके पर ममता शर्मा, कमला देवी, साधना सोलंकी, धीरेंद्र सोलंकी, मुन्नी देवी, मोना यादव, रामौतार शर्मा, विद्याराम शर्मा, सतीश चंद्र शर्मा, राजेश मिश्रा, उमाशंकर शर्मा, दीप्ति शर्मा, मृत्युंजय शर्मा, ब्रहमानंद चतुर्वेदी, चंद्रपाल मिश्रा आदि मौजूद रहे।