बीआईएमटी कॉलेज में ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के तहत हुआ वृहद पौधरोपण, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश
महाविद्यालय के निदेशकों, डीन, शिक्षकगण और छात्र-छात्राओं ने मिलकर लगाए नीम, पीपल, बरगद, आम, जामुन, अमरूद, गुलमोहर और अशोक के पौधे, हर पौधे की देखभाल का लिया संकल्प
बदायूँ। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर चल रहे ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026’ के अंतर्गत रविवार को बीआईएमटी कॉलेज परिसर में उत्साह और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय निदेशक आशीष सिंघल ने पौधा लगाकर किया। इस अवसर पर महाविद्यालय निदेशक अक्षज रस्तोगी, विकास आहूजा, डीन अरविंद कुमार गुप्ता, चीफ प्रॉक्टर सौरभ सक्सेना, समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता करते हुए परिसर के विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण किया।
अभियान के तहत शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए नीम, पीपल, बरगद, आम, जामुन, अमरूद, गुलमोहर और अशोक सहित विभिन्न छायादार एवं फलदार प्रजातियों के पौधे लगाए गए। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर और जलवायु संतुलन के महत्व पर प्रकाश डाला।
महाविद्यालय निदेशक अक्षज रस्तोगी ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण प्रदूषण आज विश्व की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल हैं तथा इनसे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय अधिक से अधिक वृक्षारोपण है। उन्होंने विद्यार्थियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। वहीं निदेशक आशीष सिंघल ने कहा कि हरियाली ही जीवन का आधार है और महाविद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
निदेशक विकास आहूजा ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं और आज लगाया गया प्रत्येक पौधा भविष्य में समाज को छाया, शुद्ध वायु और फल प्रदान करेगा। डीन अरविंद कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनाना भी प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया। कॉलेज प्रशासन ने प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को सौंपते हुए परिसर को हरित एवं प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प दोहराया।















































































