बहेड़ी। गन्ना उत्पादक महाविद्यालय, बहेड़ी में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के उद्देश्य से रुद्राक्ष के पौधों का वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों और कर्मचारियों ने पौधारोपण कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया तथा विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरिकेश सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज मानव अस्तित्व का सबसे महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। रुद्राक्ष जैसे उपयोगी एवं पवित्र वृक्षों का रोपण प्रकृति और संस्कृति दोनों के संरक्षण का प्रतीक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और घटते वन क्षेत्रों पर चिंता व्यक्त करते हुए वृक्षारोपण को समय की आवश्यकता बताया। रुद्राक्ष के धार्मिक, आध्यात्मिक, वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह वृक्ष वातावरण को शुद्ध करने, कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषण, ऑक्सीजन उपलब्ध कराने और जैव विविधता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।प्रो. डॉ. सुरेखा पिपलानी, डॉ. सचिन्द्र मोहन शर्मा, डॉ. मोहित भारद्वाज, डॉ. भावेश मिश्रा, डॉ. रविंद्र गंगवार, डॉ. योगेंद्र यादव, डॉ. सीमा डालाकोटी तथा डॉ. चंद्रशेखर यादव ने भी पौधों के संरक्षण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों का संरक्षण कर उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखा जाए। कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय परिवार ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे अपने जीवन के विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसका संरक्षण करें।