श्री त्रिवटी नाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, गोवर्धन लीला और सुदामा चरित्र का हुआ भावपूर्ण वर्णन

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बरेली। श्री त्रिवटी नाथ मंदिर में आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर भागवताचार्य पं. सुरेश शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा तथा सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि परमात्मा जिसे सुख देना चाहते हैं, उसे हर परिस्थिति में सुख मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म वसुदेव-देवकी के यहां हुआ, लेकिन नंदोत्सव नंद बाबा के घर मनाया गया। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग में वर्णित 18 श्लोक मानो 18 पुराणों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कथाव्यास ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि में मथुरा कारागार में भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया। उस समय कंस के अत्याचारों से संपूर्ण जनमानस पीड़ित था। उन्होंने कहा कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने रोहिणी नक्षत्र और बुधवार के दिन जन्म लेकर चंद्रवंश की महिमा को स्थापित किया।
उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान ने अपनी लीलाओं से ब्रजवासियों को आनंद प्रदान किया और कालिय नाग का मर्दन कर यमुना को विषमुक्त किया। वेणु गीत की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि ब्रज की तीन वस्तुएं वेणु, धेनु और रेनु अत्यंत पवित्र और महिमामयी हैं।
कथा में गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए बताया गया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के बढ़ते अभिमान को दूर करने के लिए ब्रजवासियों से इंद्र पूजा के स्थान पर गिरिराज गोवर्धन की पूजा कराई। क्रोधित इंद्र द्वारा सात दिन तक वर्षा करने पर भगवान ने अपनी कनिष्ठिका अंगुली पर गोवर्धन पर्वत धारण कर भक्तों की रक्षा की, जिससे उन्हें गिरधारी नाम प्राप्त हुआ।
सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए पं. शास्त्री ने कहा कि भगवान अपने भक्तों के प्रति सदैव करुणामय रहते हैं। द्वारका पहुंचे सुदामा का श्रीकृष्ण ने अश्रुओं से चरण पखारकर स्वागत किया और उनकी लाई हुई चावल की पोटली स्वीकार की। उन्होंने कहा कि भगवान ने दो मुट्ठी चावल ग्रहण कर सुदामा को अपार वैभव प्रदान किया। जब सुदामा अपनी कुटिया लौटे तो वहां महल देखकर वे भगवान की कृपा के प्रति भावविभोर हो उठे।
कथाव्यास ने कहा कि भगवान की कृपा प्राप्त करने के लिए निर्मल भाव, अटूट विश्वास और सच्ची भक्ति आवश्यक है। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत की आरती उतारी और प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर मंदिर समिति के प्रताप चंद्र सेठ, मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल, सुभाष मेहरा, हरिओम अग्रवाल, प्रहलाद कुमार खंडेलवाल, अजय कुमार अग्रवाल तथा कन्हैया अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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