मुजरिया। सहसवान तहसील क्षेत्र के ग्राम चतुरी नगला स्थित वाल्मीकि बस्ती के लोगों ने करीब 50 वर्ष पुराने सार्वजनिक रास्ते को बंद किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया है। वहीं, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) ने मामले में रास्ता खुलवाने का आश्वासन दिया है।ग्रामीणों के अनुसार, उनकी बस्ती तक आने-जाने वाला सार्वजनिक रास्ता पिछले लगभग 50 वर्षों से उपयोग में था। आरोप है कि 1 जून 2026 को गांव के कुछ लोगों ने कथित रूप से इस रास्ते को बंद कर दिया। शिकायत करने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने मौके पर निष्पक्ष पैमाइश कराने के बजाय अधूरी आख्या लगाकर शिकायत का निस्तारण कर दिया।वाल्मीकि समाज के लोगों का कहना है कि रास्ता बंद होने से बस्ती के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। उनका आरोप है कि तहसील समाधान दिवस, थाना समाधान दिवस और जिलाधिकारी से कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक रास्ता नहीं खुलवाया गया।ग्रामीणों ने मांग की है कि राजस्व विभाग की निष्पक्ष टीम से मौके की पैमाइश कराकर सार्वजनिक रास्ता तत्काल खुलवाया जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए।वाल्मीकि समाज ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो समाज के लोग मालवीय आवास गृह, बदायूं में धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। हालांकि, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) द्वारा रास्ता खुलवाने का आश्वासन दिए जाने से ग्रामीणों को जल्द समाधान की उम्मीद जगी है।