उझानी-भीषण गर्मी में जब सूरज का पारा आग उगल रहा है, उझानी के 2 नंबर फीडर से जुड़े स्टेशन रोड के लोगों की जान पर बन आई है। कस्बे के 5 फीडरों में सिर्फ इसी फीडर को रोज ‘ओवरलोड’ बताकर काट दिया जाता है।क्या बिजली विभाग के पास सिर्फ एक ही ‘ओवरलोड’ फीडर है? 1, 3, 4 और 5 नंबर फीडर को तो कभी लू नहीं लगती? जनता का सीधा आरोप है कि कहीं 2 नंबर और 5 नंबर फीडर की सप्लाई एक ही ट्रांसफार्मर से अदला-बदली करके तो नहीं चलाई जा रही?सुबह बिजली आई तो दोपहर 1 बजे ‘राम नाम सत्य’। नहीं आई तो दोपहर बाद 2 घंटे के लिए ट्रिपिंग वाली झलक। दुकानदारों के इनवर्टर हांफ गए, बैटरी पानी मांग रही है। लोग अब फट्टे और हैंड फैन के भरोसे रातें काट रहे हैं। बच्चे बिलबिला रहे हैं, बुजुर्गों का बीपी हाई हो रहा है।जेई अबिनाश कुमार को फोन करो तो हमेशा ‘स्विच ऑफ’। बड़े अफसरों से पूछो तो घिसा-पिटा जवाब: “ओवरलोड में काटी है।” यानी सवाल करो तो जवाब नहीं, बस बहाना रेडीमेड।स्टेशन रोड के व्यापारियों और रहवासियों ने जिलाधिकारी बदायूं से सीधी मांग की है। “या तो 2 नंबर फीडर का ट्रांसफार्मर बदलो, या ये सौतेला व्यवहार बंद करो। जांच हो कि हर रोज सिर्फ यही फीडर क्यों बीमार पड़ता है।”उझानी की जनता पूछ रही है, “साहब, क्या हम बिल नहीं देते? या 2 नंबर फीडर वालों ने कोई गुनाह किया है?”