हॉपयूनिटी हेल्पिंग वेलफेयर फाउंडेशन का सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन
बदायूं। हॉपयूनिटी हेल्पिंग वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर “मेरी सुरक्षा, मेरे हाथों” का समापन एवं सम्मान समारोह राजमहल गार्डन, बदायूं में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महिला थाना प्रभारी ज्योति सिंह तथा विशिष्ट अतिथि श्री अकक्षज रस्तोगी (ऑनर, BIMT कॉलेज, बदायूं), श्री राजन मेहंदीरत्ता, श्री रवि दिवाकर (संरक्षण अधिकारी, महिला कल्याण विभाग), डॉ. ज्योति विष्णोई (राजकीय महाविद्यालय, बदायूं), डॉ. सरिता (राजकीय महिला महाविद्यालय, बदायूं), छवि वैशय (जिला समन्वयक, महिला कल्याण विभाग, बदायूं) एवं प्रीति चौहान (महिला कल्याण विभाग, बदायूं) उपस्थित रहीं।15 से 22 जून तक आयोजित शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी छात्राओं को संस्था द्वारा “सशक्त बेटी, सुरक्षित समाज” सम्मान एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। संस्था की निदेशक डॉ. कृष्णा सिंह ने छात्राओं को आर्थिक, सामाजिक एवं वैचारिक रूप से सशक्त बनने का संदेश दिया। वहीं महिला थाना प्रभारी ज्योति सिंह ने आत्मरक्षा एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। सात दिवसीय शिविर के कोच सरदार अजय पाल सिंह (ताइक्वांडो) ने बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए के लिए प्रेरित कियाविशिष्ट अतिथि श्री अक्षत रस्तोगी ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आत्मविश्वास, शिक्षा और आत्मरक्षा का ज्ञान बेटियों को सशक्त बनाने के महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, साहस और सही निर्णय क्षमता का परिचय देना चाहिए। उन्होंने छात्राओं को अपने आसपास के वातावरण के प्रति जागरूक रहने, आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण केवल शारीरिक सुरक्षा ही नहीं बल्कि मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास भी प्रदान करता है। कार्यक्रम में सभी अतिथियों का पुष्प भेंट एवं सम्मान-पत्र देकर स्वागत किया गया।संस्था के सह-निदेशक श्री राधेश्याम ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती कुसुमलता, वॉलंटियर कुमकुम, श्रीमती सुमन, सुमन पाल, स्वीटी माहेश्वरी, उत्कृष्ट गौतम, अक्षरा, शानवी गौतम, मंजरुल एवं हिवा सहित संस्था के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिला थाना प्रभारी ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की।















































































