बरेली। राम राज्य दल के पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (सेवनी मालवा) में हुए मॉब लिंचिंग प्रकरण में न्यायालय द्वारा दिए गए फैसले पर आपत्ति जताई। ज्ञापन में बताया गया कि अगस्त 2022 में गौ तस्करी के संदेह में नजीर अहमद की भीड़ द्वारा पिटाई के बाद मृत्यु हो गई थी। इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान ने 12 जून 2026 को 14 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। राम राज्य दल के अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा और अखिल भारतीय राजार्य सभा के महामंत्री डॉ. रामकुमार आर्य ने शासन से मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराने तथा आरोपित गौरक्षकों को न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया। ज्ञापन के दौरान अर्चना सक्सेना , शशि , डॉ रामकुमार , डॉ दिनेश चंद शर्मा आदि मौजूद रहे।