सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी में उमड़ा जनसैलाब, अंतिम दिन हजारों आगंतुकों ने ली योजनाओं की जानकारी
बदायूँ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में डायट परिसर में आयोजित चार दिवसीय विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी के अंतिम दिन भारी भीड़ देखने को मिली। बड़ी संख्या में पहुंचे जनप्रतिनिधियों, युवाओं, लाभार्थियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।प्रदर्शनी में आगंतुकों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सेल्फी प्वाइंट पर दिनभर लोगों की भीड़ लगी रही। लोगों ने योजनाओं एवं उपलब्धियों से जुड़ी प्रदर्शनी के बीच तस्वीरें खिंचवाकर इस अवसर को यादगार बनाया। आगंतुकों ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाएं समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच रही हैं और पात्र लोगों को बिना किसी भेदभाव के लाभ मिल रहा है।गौरतलब है कि प्रदर्शनी का उद्घाटन बुधवार को जनपद के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) वन एवं पर्यावरण डॉ. अरुण कुमार सक्सेना द्वारा किया गया था। उद्घाटन दिवस से ही प्रदर्शनी में लोगों का लगातार उत्साह देखने को मिला। चार दिनों तक चली इस प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लेकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी हासिल की।
प्रदर्शनी में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टार्टअप इंडिया, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों तथा निःशुल्क खाद्यान्न वितरण योजना को आकर्षक एवं प्रभावी तरीके से प्रदर्शित किया गया। वहीं प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सहित अन्य जनहितकारी योजनाओं की भी जानकारी लोगों को दी गई।प्रदर्शनी का अवलोकन करने वाले लोगों ने कहा कि वे स्वयं इन योजनाओं का लाभ उठाने के साथ-साथ अपने परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों को भी इनके प्रति जागरूक करेंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। चार दिनों तक चली इस प्रदर्शनी ने आमजन को सरकार की उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधे तौर पर जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया।















































































