बदायूं। पंजाबी समाज सेवा समिति की ओर से शुक्रवार को विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर कैंडल मार्च निकाला गया। गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा, पंजाबी मोहल्ला से शुरू हुआ कैंडल मार्च पंजाबी मंदिर स्थित श्री रघुनाथ मंदिर पहुंचा। मार्च में पंजाबी समाज सेवा समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ ही शहर के प्रमुख पंजाबी समाज के लोगों ने सहभागिता की। विश्व हिंदू परिषद महिला प्रकोष्ठ की महिलाओं ने भी कैंडल मार्च में शामिल होकर विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। गुरुद्वारा साहब से शुरू हुआ मार्च श्री रघुनाथ मंदिर पंजाबी मंदिर पहुंचा, जहां सभी ने कैंडल लगाकर विभाजन की त्रासदी में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। समिति के महासचिव सरदार गुरदीप सिंह ने विभाजन के समय घटित घटनाओं और विस्थापन की पीड़ा से जुड़े प्रसंगों को साझा किया। समिति के अध्यक्ष बिन्नी नारंग ने विभाजन विभीषिका दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।सनातन धर्म सभा के कोषाध्यक्ष अशोक नारंग ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए विभाजन के दौरान प्रभावित परिवारों के संघर्ष और बलिदान को याद किया। अंत में सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष डीके चड्ढा ने कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद दो मिनट का मौन धारण कर विभाजन की त्रासदी में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। सनातन धर्म सभा की ओर से प्रसाद का वितरण भी किया गया।कार्यक्रम में पंजाबी समाज सेवा समिति के सदस्यों के अलावा गुरुद्वारा पंजाबी मोहल्ला के प्रधान सरदार मंजीत सिंह, सरदार रणजीत सिंह, भूषण अनेजा, गिरीश जुनेजा, सरदार भगत सिंह, राकेश गुलाटी, कुंवर अमित कुमार एडवोकेट, प्रदीप जुनेजा, सुभाष कोचर सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। विश्व हिंदू परिषद महिला प्रकोष्ठ की महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।