मंडी की नई एप व्यवस्था और किराया वृद्धि के विरोध में व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन
बरेली। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रांतीय महामंत्री राजेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में आदर्श मंडी स्थल स्थित उप मंडी निदेशक कार्यालय पहुंचकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मंडी समिति द्वारा लागू की गई नई एप व्यवस्था और दुकानों के किराए में की गई वृद्धि का विरोध जताया।
राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर पूरे उत्तर प्रदेश में मंडी निदेशकों को ज्ञापन देकर व्यापारियों की समस्याओं से अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि नई एप व्यवस्था के लागू होने से मंडी की कार्यप्रणाली सरल होने के बजाय अधिक जटिल हो गई है, जिससे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापारियों ने दुकानों के किराए में प्रतिवर्ष 5 प्रतिशत वृद्धि को अनुचित बताते हुए इसे प्रदेश के व्यापारियों पर असहनीय आर्थिक बोझ बताया। उन्होंने मांग की कि सभी प्रकार की दुकानों पर बढ़ाया गया किराया तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
ज्ञापन में ऑनलाइन पोर्टल की खामियों का भी उल्लेख किया गया। व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन टैक्स जमा करने के बावजूद पोर्टल पर भुगतान अपडेट नहीं होता और बकाया राशि प्रदर्शित होती रहती है। इसके अलावा सर्वर अक्सर डाउन रहता है तथा चालू होने पर बार-बार हैंग हो जाता है, जिससे प्रवेश पर्ची, तौल पर्ची और भुगतान संबंधी कार्यों में विलंब होता है।
प्रतिनिधिमंडल ने मंडी लाइसेंस नवीनीकरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने तथा गारंटर एवं शपथ पत्र जैसी औपचारिकताओं को समाप्त करने की मांग भी उठाई। उप मंडी निदेशक ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और समस्याओं को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय शर्मा, महामंत्री कैलाश मित्तल, गल्ला मंडी अध्यक्ष अवधेश अग्रवाल, अमीश अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, भुवनेश अग्रवाल, दीपक वर्मा, अंकित मित्तल, विष्णु मित्तल, संजय शर्मा, मनमोहन सब्बरवाल और त्रिलोकी नाथ गुप्ता सहित अनेक व्यापारी मौजूद रहे।















































































