बरेली। बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर के श्री रामालय में मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीरामचरितमानस कथा के द्वितीय दिवस कथा व्यास पं. प्रभाकर त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं को मर्यादा, धैर्य और समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरितमानस का श्रवण व्यक्ति को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन का अनुसरण करने की प्रेरणा देता है। कथा व्यास ने अरण्यकाण्ड का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि लक्ष्मण जी के प्रश्नों के उत्तर में भगवान श्रीराम ने माया, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि अहंकार त्यागकर मन, बुद्धि और चित्त से प्रभु की वाणी को ग्रहण करना ही सच्ची साधना है। रामसेतु निर्माण में गिलहरी के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य में छोटा-बड़ा सहयोग नहीं होता। सामूहिक प्रयास और समर्पण से ही सफलता प्राप्त होती है। कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लिया तथा प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में प्रताप चंद्र सेठ, संजीव औतार अग्रवाल एवं सुभाष मेहरा का विशेष सहयोग रहा।