बदायूँ में मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना बनी किसानों की तरक्की की नई मिसाल,किसान खुश
बदायूँ। उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना जनपद बदायूँ के किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बनकर उभरी है। योजना के तहत उथले एवं गहरे नलकूपों पर दिए जा रहे अनुदान से किसानों को सिंचाई की स्थायी व्यवस्था उपलब्ध हुई है, जिससे उनकी खेती अधिक लाभकारी और आधुनिक बन रही है। योजना से लाभान्वित किसानों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया है।
तहसील दातागंज के ग्राम रम्पुरा खुर्द निवासी किसान राजपाल पुत्र भूपराम, माखन पुत्र हरीश चन्द्र तथा नन्हे राम पुत्र रामचरन को मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत उथले नलकूप की सुविधा प्राप्त हुई है। वहीं ग्राम पापड़ हमजापुर निवासी धीरपाल पुत्र दुर्विजय सिंह तथा ग्राम घिलौर निवासी मोहन लाल पुत्र अंगने को गहरे नलकूप योजना का लाभ मिला है। इन किसानों का कहना है कि योजना ने उनकी खेती और आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय बदलाव लाया है।वर्ष 2025-26 में उथले नलकूप योजना के अंतर्गत राजपाल, माखन और नन्हे राम के नलकूपों की लागत लगभग 22-22 हजार रुपये रही, जिसमें प्रत्येक किसान को 15 हजार 400 रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। इसी प्रकार गहरे नलकूप योजना के तहत धीरपाल और मोहन लाल के नलकूपों की लागत लगभग 5 लाख 30 हजार रुपये रही, जिसमें प्रत्येक को 3 लाख 47 हजार रुपये का सरकारी अनुदान मिला।योजना से पहले किसानों को सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर रहना पड़ता था अथवा किराये पर साधन लेकर खेतों की सिंचाई करनी पड़ती थी। समय पर पानी न मिलने के कारण फसलों की पैदावार प्रभावित होती थी और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। अधिकांश किसान सीमित संसाधनों के कारण गेहूं और बाजरा जैसी पारंपरिक फसलों तक ही सीमित थे।मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत नलकूपों की स्थापना होने के बाद किसानों को अपनी खेती के लिए स्वतंत्र और समयबद्ध सिंचाई सुविधा मिल गई है। अब किसान बिना किसी बाहरी निर्भरता के आवश्यकतानुसार सिंचाई कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत में कमी आई है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हुई है।बेहतर सिंचाई व्यवस्था के कारण किसान अब गेहूं, धान, गन्ना, मटर, सरसों समेत कई लाभकारी फसलों की खेती कर रहे हैं। इससे न केवल उत्पादन बढ़ा है बल्कि फसलों की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है। कई किसान अपने नलकूपों से आसपास के किसानों को भी सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है।लाभार्थी किसानों का कहना है कि मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। पहले जहां सिंचाई की समस्या के कारण खेती घाटे का सौदा बनती जा रही थी, वहीं अब पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से उत्पादन बढ़ा है और आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। किसानों के अनुसार यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ ग्रामीण विकास और कृषि क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।योजना का लाभ मिलने से किसान आज बेहतर खेती कर रहे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना ग्रामीण अंचलों में कृषि विकास और किसान कल्याण की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है।















































































