उझानी कोतवाली क्षेत्र के पलिया पुख्ता गांव में बंदरों के आतंक से लोग दहशत में हैं। मंगलवार सुबह बंदरों के हमले से बचने के चक्कर में 35 वर्षीय उषा छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद परिजनों ने उन्हें उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है।गांव निवासी महेश की पत्नी उषा सुबह घर की छत पर किसी जरूरी काम से गई थीं। तभी बंदरों के झुंड ने उन पर धावा बोल दिया। अचानक हुए हमले से घबराकर उषा खुद को बचाने के लिए भागीं और असंतुलित होकर छत से नीचे आ गिरीं। गिरने से उनके सिर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर लेकिन नाजुक बनी हुई है।ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को भी गांव के 75 वर्षीय कल्याण सिंह बंदरों के हमले में घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाना पड़ा था। लगातार दो दिन में दो लोगों के घायल होने से पूरे गांव में खौफ का माहौल है।पलिया पुख्ता में पिछले कई महीनों से बंदरों का आतंक बना हुआ है। झुंड के झुंड बंदर गलियों, छतों और खेतों में घूमते रहते हैं। अकेला देखकर लोगों पर झपट पड़ते हैं। खाने-पीने का सामान छीन लेते हैं। ग्रामीण रामवीर सिंह ने बताया, “बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है। महिलाएं छत पर कपड़े सुखाने भी नहीं जा पातीं। सुबह-शाम घर से निकलना मुश्किल हो गया है।”ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद वन विभाग या नगर पंचायत ने बंदरों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। गांव की प्रधान पति सुमित यादव ने कहा, “हमने कई बार प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।”उझानी एसडीएम ने बताया कि मामला संज्ञान में है। _”वन विभाग की टीम को गांव भेजकर बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। घायलों के इलाज की पूरी व्यवस्था कराई जा रही है।