गीतकार संजय ‘गौहर’ को ‘कुमुद साहित्य शिरोमणि, डॉ. तुलिका सक्सेना एवं डॉ. विमित को ‘कुमुद स्मृति सम्मान प्रदान किया

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बरेली। साहित्यकार ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ स्मृति सम्मान समिति के तत्वावधान में प्रख्यात साहित्यकार ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ की जयंती पर सम्मान समारोह, पुस्तक लोकार्पण तथा कवि सम्मेलन हुआ। इस अवसर पर साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सुप्रसिद्ध गीतकार संजय पांडेय ‘गौहर’ को ‘कुमुद साहित्य शिरोमणि सम्मान’ से अलंकृत किया गया। डॉ. तुलिका सक्सेना एवं डॉ. विमित वर्मा को ‘कुमुद स्मृति सम्मान’ प्रदान किया गया। सम्मानस्वरूप शॉल, प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न संस्था के संरक्षक डॉ. महेश मधुकर, अध्यक्ष डॉ. अखिलेश कुमार गुप्ता तथा संस्थापक-सचिव उपमेंद्र सक्सेना एडवोकेट द्वारा भेंट किए गए।
स्टेडियम रोड स्थित लोक खुशहाली सभागार में कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय, बरेली की विभागाध्यक्ष एवं डीन प्रो. (डॉ.) तुलिका सक्सेना रहीं। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पीलीभीत के वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार संजय पांडेय ‘गौहर’, नवगीतकार रमेश गौतम तथा साहित्यकार भारतेंद्र सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने की, जबकि संचालन डॉ. मुकेश ‘मीत’ ने अपनी प्रभावशाली शैली में किया। जनपद के साहित्यकारों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों एवं साहित्य-प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। सरस्वती वंदना मोहन चंद्र पांडेय ने प्रस्तुत की तथा उमेश चंद्र गुप्ता ने स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों एवं उपस्थित जनों का अभिनंदन किया।
ज्ञान स्वरूप ‘कुमुद’ के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए इंद्रदेव त्रिवेदी एवं रणधीर प्रसाद गौड़ ‘धीर’ ने उनके साहित्यिक अवदान को रेखांकित किया तथा उन्हें नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम में भारतेंद्र सिंह द्वारा रचित पुस्तक ‘पंछियों की पंचायत’ का लोकार्पण हुआ।
इस अवसर पर कवि सम्मेलन में नगर एवं विभिन्न जनपदों से पधारे कवियों ने गीत, ग़ज़ल, नवगीत, मुक्तक तथा हास्य-व्यंग्य की रचनाओं का प्रभावशाली पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर शाम तक चले काव्यपाठ ने साहित्यिक वातावरण को जीवंत बनाए रखा और उपस्थित जनसमूह की भरपूर सराहना प्राप्त की।
कार्यक्रम में संरक्षक डॉ महेश मधुकर, अध्यक्ष अखिलेश कुमार गुप्ता, सुरेन्द्र बीनू सिन्हा, निर्भय सक्सेना, प्रकाश सक्सेना, वेद प्रकाश सक्सेना कातिब, किरण सक्सेना, कृष्ण स्वरूप सक्सेना, सचिव डॉ विमित वर्मा, दीपक मुखर्जी दीप, शंकर स्वरूप सक्सेना, डी. प्रसाद उर्फ पप्पू वर्मा, लोटा मुरादाबादी, कुलदीप वर्मा, अशोक उप्रेती, पी. के. दीवाना, नीलिमा रावत, डॉ मिथिलेश राकेश, उमेश चंद्र गुप्ता, भूपेंद्र नाथ वर्मा, गणेश पथिक, डॉ दीपंकर गुप्त, राम कुमार कोली, गजेंद्र सिंह, कैलाश मिश्रा रसिक, रामकुमार अफरोज, अभय सक्सेना, दीपांशी सक्सेना, प्रीती सक्सेना, पूनम सक्सेना, डॉ. प्रणब गौतम, संध्या सक्सेना, इशिका सिंघानिया, डॉ रजनीश सक्सेना, भूपेंद्र नाथ वर्मा, रत्ना वर्मा, सरवत परवेज सहसवानी, अखिलेश सिंह केसर, कमलकांत तिवारी, डॉ. दीपक सक्सेना, उमेश अद्भुत, मनोज दीक्षित टिंकू, कमलकांत श्रीवास्तव, राजकुमार अग्रवाल राज, प्रताप मौर्य, लक्ष्वेश्वर राजू, अभिषेक अग्निहोत्री, प्रकाश निर्मल, प्रवीन शर्मा, रवि प्रकाश शर्मा, राज नारायण गुप्ता, सुभाष जोशी, ऋषि कुमार शर्मा, हरपाल सिंह उर्फ हैरी सिंह, आर सी पांडेय, डॉ बी एन शास्त्री, पवन अंचल, श्रीकांत मिश्रा, अनुज चौहान, विवेक विद्रोही, मनोज सक्सेना मनोज, रामधनी निर्मल, सत्यम सुरेखा, शांतम सुरेखा, अनुज सक्सेना, मिलन कुमार मिलन, नरेंद्र पाल सिंह, प्रकाश बाबू, एस के कपूर, प्रदीप रावत, आरोही रावत, आलोक सक्सेना एडवोकेट, अंजू शुक्ला, संजय सक्सेना, जिज्ञासु सक्सेना, अनुराग उपाध्याय, रीतेश साहनी एवं रमेश रंजन सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, शिक्षाविद एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। निर्भय सक्सेना

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