सरकारी नियंत्रण से मंदिरों को मुक्त कराने और पुरोहितों के कल्याण को उठाई गई मांग
बदायूं। अखिल भारतीय सनातन बोर्ड की कार्यकारिणी बैठक रविवार को विजयनगर कॉलोनी स्थित संगठन के जिला मंत्री राकेश गुलाटी के आवास पर आयोजित की गई। बैठक का आह्वान संगठन के संयोजक देवेश शर्मा द्वारा किया गया, जिसमें देशभर के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने तथा पुरोहितों को शासकीय मानदेय दिलाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार साहू ने बताया कि पूर्व में बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किए गए प्रस्तावों पर सहमति बनने के बाद कार्याध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता के नेतृत्व में संगठन के विभिन्न विभागों एवं विधि एवं न्याय विभाग के सदस्यों के सहयोग से विस्तृत ज्ञापन तैयार कर लिया गया है।ज्ञापन में उत्तर प्रदेश सरकार से पुरोहितों को शासकीय मानदेय प्रदान करने, उत्तर प्रदेश पुरोहित कल्याण समिति के गठन, मंदिरों के पंजीकरण, पुरोहितों के लिए आवास, पहचान पत्र, पेंशन तथा बीमा योजनाएं लागू करने की मांग की गई है।इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार से मांग की गई है कि मंदिरों के सरकारी नियंत्रण को संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत प्राप्त धार्मिक स्वतंत्रता एवं मौलिक अधिकारों का उल्लंघन मानते हुए मंदिरों को नियंत्रित करने वाले “हिंदू रिलिजियस एंड चैरिटेबल एंडोमेंट एक्ट” को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के लिए अध्यादेश लाया जाए।बैठक के मुख्य अतिथि एवं प्रसिद्ध कवि महेश मित्र ने इस पहल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यदि इन मांगों पर अमल होता है तो समाज में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
संगठन के प्रवक्ता सत्यनारायण गुप्ता ने कहा कि देशभर के मंदिरों पर हो रहे अवैध कब्जों और अतिक्रमणों को हटाने के लिए केंद्र सरकार को सख्त कानून बनाना चाहिए। उन्होंने मंदिरों से जुड़े विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए मठ-मंदिर ट्रिब्यूनल के गठन की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि चारों शंकराचार्य, प्रमुख मठाधीश और मंदिर न्यास एक मंच पर आकर हिंदू समाज के हितों के लिए संगठित प्रयास करें।बैठक के दौरान मातृशक्ति विभाग की अध्यक्ष रचना शंखधार ने गौवंशों की दुर्दशा तथा मां गंगा के घाटों पर फैली गंदगी का मुद्दा उठाया और इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई। वहीं संगठन के उपाध्यक्ष सुनील गुप्ता ने नए पुरोहितों के प्रशिक्षण के लिए गुरुकुलों एवं विशेष प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना पर जोर दिया।बैठक में उपेंद्र उपाध्याय, सत्यनारायण गुप्ता, राकेश साहू, चंद्रदेव वर्मा, पूनम सिंह, मणि सिंह भदौरिया, नंदकिशोर, चरणजीत, विश्वदीप सक्सेना, दयाराम वेदपति, पंकज शर्मा, राजीव रायजादे, वीरेंद्र पाल झा सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।















































































