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Uttar Pradesh

बदायूँ में हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर पत्रकारों का सम्मान, लोकतंत्र और जनहित की आवाज को मजबूत करने का संकल्प

May 30, 2026By admin0 comments
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बदायूँ। हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर दिल्ली पब्लिक स्कूल, बदायूँ में भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पत्रकारिता जगत से जुड़े वरिष्ठ पत्रकारों, साहित्यकारों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भाग लेकर हिन्दी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास तथा लोकतंत्र में उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया रिपोर्टर एसोसिएशन, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स की बदायूँ इकाई द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। विद्यालय के डायरेक्टर संदीप भारती एवं वेदपाल सिंह राठौर ने अतिथियों का स्वागत किया।समारोह का शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, वरिष्ठ पत्रकार संजय रुस्तगी तथा अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि बीएल वर्मा ने कहा कि पत्रकार समाज का सजग प्रहरी और लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो निष्पक्षता एवं निर्भीकता के साथ जनहित के मुद्दों को उठाकर समाज और प्रशासन के बीच मजबूत सेतु का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों की जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं तथा समाज को उनके योगदान का सम्मान करना चाहिए।मुख्य वक्ता एवं वरिष्ठ पत्रकार संजय रुस्तगी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र को दिशा देने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जनसरोकारों से जुड़ी समस्याओं को सही पटल पर लाने का कार्य पत्रकार ही करते हैं। सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में मीडिया को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, ऐसे समय में सत्य, निष्पक्षता और जवाबदेही के मूल्यों को बनाए रखना और अधिक आवश्यक हो गया है।दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह बब्बू ने कहा कि जब पत्रकार जागरूक रहता है तो समाज भी जागरूक होता है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में हिन्दी पत्रकारिता की भूमिका को याद करते हुए कहा कि उस दौर में पत्रकारिता ने जनजागरण का माध्यम बनकर राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया। वहीं बिल्सी विधायक हरीश शाक्य ने कहा कि यदि मीडिया न होती तो शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को भी अपनी कमियों का एहसास नहीं हो पाता। उन्होंने ग्रामीण और स्थानीय पत्रकारिता को लोकतंत्र की वास्तविक ताकत बताया।पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है। पत्रकारिता केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है। निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनहित को सर्वोपरि रखना ही पत्रकारिता की असली पहचान है।

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]वरिष्ठ समाजसेवी अशोक खुराना ने स्वतंत्रता संग्राम में हिन्दी पत्रकारिता के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि अनेक पत्रकारों ने देशहित में आर्थिक कठिनाइयों, मुकदमों और जेल तक का सामना किया। उन्होंने कहा कि पत्रकार और कार्यपालिका के बीच सकारात्मक संबंध समाजहित में लाभकारी होते हैं, लेकिन यदि किसी पत्रकार का झुकाव पीड़ित पक्ष के बजाय सत्ता या प्रशासन की गलत दिशा में हो जाए तो इससे कार्यपालिका की विश्वसनीयता प्रभावित होती है और अन्याय को बढ़ावा मिल सकता है।वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शरद शंखधार ने हिन्दी पत्रकारिता दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 30 मई 1826 को पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा कोलकाता से प्रकाशित ‘उदन्त मार्तण्ड’ हिन्दी का पहला समाचार पत्र था, जिसने हिन्दी पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी। वहीं दिल्ली पब्लिक स्कूल के छात्र सारांश भारद्वाज ने डिजिटल युग में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर विचार रखते हुए कहा कि मोबाइल पत्रकारिता, डेटा पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट निर्माण जैसे नए अवसर युवाओं के सामने हैं, लेकिन तेजी से बदलते माहौल में विश्वसनीयता और गुणवत्ता बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है।कार्यक्रम का संचालन रविंद्र मोहन सक्सेना ने किया। समारोह के दौरान 60 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 48 वरिष्ठ पत्रकारों को उनके निष्पक्ष, निर्भीक एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। उपस्थित पत्रकारों ने जनहित, सत्य, निष्पक्षता और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का सामूहिक संकल्प भी लिया।समारोह में प्रमुख रूप से मुन्ना लाल गुप्ता, सुशील धींगड़ा, संजीव पाठक, सूरज प्रसाद, विनोद भारद्वाज, शैलेन्द्र शुक्ला, अमित पाण्डेय, अंकित गुप्ता, आशु बंसल, वेदभानु आर्य, विशाल साहू, विकास साहू, पंकज गुप्ता, सौरभ शंखधार, नेत्रपाल सैलानी, लवनेश वार्ष्णेय, हाजी एम. सगीर, आई.एम. खान, नीरज सक्सेना, अतर सिंह, मुकेश वशिष्ठ सहित सैकड़ों पत्रकार उपस्थित रहे।कार्यक्रम को सफल बनाने में विष्णुदेव चांडक, राहुल सक्सेना, संजीव सक्सेना, विवेक खुराना, अबरार अहमद, ठाकुर वेदपाल सिंह, राजकमल गुप्ता, दीपक गुप्ता का विशेष योगदान रहा। इसके अतिरिक्त पार्थ हॉस्पिटल के डॉ. वीरेश कुमार सिंह एवं जीविन्स हेल्थकेयर, इस्लामनगर के डायरेक्टर का भी उल्लेखनीय सहयोग रहा।
समारोह का माहौल पूरे समय सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण बना रहा। सम्मानित पत्रकारों ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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