वाटर वूमेन शिप्रा पाठक ने बड़े मंगल पर 11,500 तुलसी पौधे और 15 हजार हरे पत्तल वितरित किए
लखनऊ। बड़े मंगल के पावन अवसर पर राजधानी में धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश देखने को मिला। शहर में आयोजित विभिन्न भंडारों के बीच वाटर वूमेन शिप्रा पाठक और पंचतत्व संस्था की ओर से हरित अभियान चलाया गया, जिसमें श्रद्धालुओं को तुलसी के पौधे और पर्यावरण अनुकूल हरे पत्तल वितरित किए गए। बड़े मंगल के इस आयोजन में श्रद्धा, सेवा और प्रकृति संरक्षण का सुंदर समन्वय देखने को मिला।एन.बी.आर.आई. कैंपस में आयोजित विशाल भंडारे में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं वाटर वूमेन शिप्रा पाठक ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण के साथ 9 प्रकार की तुलसी के कुल 11,500 पौधे वितरित किए। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और तुलसी के पौधे लेकर पर्यावरण संरक्षण के इस प्रयास की सराहना की।
धार्मिक आयोजन के बीच पर्यावरण जागरूकता का यह अभियान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। तुलसी के पौधों के माध्यम से लोगों को केवल हरियाली बढ़ाने का संदेश ही नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया गया। तुलसी का पौधा धार्मिक दृष्टि से पूजनीय होने के साथ-साथ स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी अत्यंत उपयोगी माना जाता है।
इसके साथ ही पंचतत्व संस्था ने लखनऊ महानगर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लगभग 15 हजार हरे पत्तलों का वितरण किया। इन पत्तलों का उद्देश्य प्लास्टिक और थर्मोकोल जैसी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुओं के उपयोग को कम करना है। संस्था के स्वयंसेवकों ने विभिन्न भंडारा स्थलों पर जाकर लोगों को पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर वाटर वूमेन शिप्रा पाठक ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि पंचतत्व संस्था के साथ मिलकर लखनऊ की कई छोटी-छोटी संस्थाएं भी इस अभियान से जुड़कर काम कर रही हैं। इसके अलावा कुछ मीडिया चैनल और सामाजिक संगठन भी पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम में अपना सहयोग देने आगे आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, ऐसे आयोजनों को सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता से जोड़ना बेहद जरूरी है। यदि लोग छोटे-छोटे प्रयासों को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना लें तो शहर और समाज दोनों में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।शिप्रा पाठक ने बताया कि लखनऊ को प्लास्टिक मुक्त बनाने का अभियान लगातार जारी रहेगा और आगामी बड़े मंगल पर भी योजनाबद्ध तरीके से इस मुहिम को आगे बढ़ाया जाएगा। संस्था की टीम लगातार शहर के विभिन्न हिस्सों में जाकर लोगों को जागरूक करने का काम कर रही है।गौरतलब है कि पंचतत्व संस्था इससे पहले भी कई बड़े मंगल आयोजनों में हजारों पौधों और हरे पत्तलों का वितरण कर चुकी है। संस्था के वालंटियर सदस्य लगातार पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वृक्षारोपण, पौध वितरण और प्लास्टिक उपयोग कम करने जैसे अभियान संस्था की प्रमुख गतिविधियों में शामिल हैं।पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे इन प्रयासों को लोगों का भी अच्छा समर्थन मिल रहा है। श्रद्धालुओं ने कहा कि धार्मिक आयोजनों के साथ समाज और पर्यावरण हित के कार्य जुड़ने से उनका प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है।लखनऊ को हरित और प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से पंचतत्व संस्था और वाटर वूमेन शिप्रा पाठक द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान अब एक जनजागरण अभियान का रूप लेता दिखाई दे रहा है। बड़े मंगल पर श्रद्धा के साथ हरियाली का संदेश देने वाली यह पहल समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रही है।इस मौके पर एन.बी.आर.आई के डायरेक्टर समेत पूरा स्टाफ उपस्थित रहा।















































































