96 बीघा तालाब विवाद पर मालवीय आवास में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रामबाबू कश्यप
बदायूं। तहसील बिसौली क्षेत्र के बगरैन गांव स्थित 96 बीघा निजी तालाब के विवाद को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे तालाब स्वामी रामबाबू कश्यप अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। वर्षों से धरना-प्रदर्शन और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद सोमवार को वह मालवीय आवास गृह पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब या तो उन्हें उनके तालाब से कथित अवैध कब्जे से मुक्ति दिलाई जाए या फिर वह खाली हाथ घर वापस नहीं लौटेंगे।
रामबाबू कश्यप का आरोप है कि उनके 96 बीघा निजी तालाब पर पिछले करीब 10 वर्षों से नियमों को दरकिनार कर भूमाफियाओं को पट्टा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके तालाब से सटे 154 बीघा ग्राम सभा तालाब और निजी तालाब आपस में एकरूप होकर बहते हैं, लेकिन प्रशासन 154 बीघा के नाम पर पट्टा कर लगभग ढाई सौ बीघा क्षेत्र पर कब्जा दिला रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष से जिले के आला अधिकारी उन्हें लगातार आश्वासन देते रहे कि हर हाल में न्याय मिलेगा, लेकिन न्याय के बजाय उनके साथ अन्याय हुआ। रामबाबू ने बताया कि उन्होंने 1 फरवरी 2024 को आत्मदाह की चेतावनी दी थी, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें समझाकर न्याय दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन अब दोबारा पट्टा कर दिया गया।धरने पर बैठे रामबाबू कश्यप ने भावुक होते हुए कहा कि वह गरीब, मजदूर और बेबस व्यक्ति हैं और आखिर उनका कसूर क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तालाबों पर भी अवैध कब्जे हैं और जिन गाटा नंबरों पर पट्टा किया गया है, वहां मकान तक बने हुए हैं। इसके बावजूद प्रशासन निजी तालाबों पर मछली पालन कराकर बंदरबांट करा रहा है।धरना स्थल पर पहुंचे किसान नेता राजेश कुमार सक्सेना ने भी तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पहले उन्होंने जिलाधिकारी से बात कर पट्टा रुकवाया था, लेकिन बाद में तहसीलदार बिसौली द्वारा दोबारा पट्टा किया जाना गरीबों के साथ अन्याय हैउन्होंने कहा कि अब इस लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ लड़ा जाएगा।धरने में उदयवीर सिंह राजपूत, शिवदयाल सागर, भारतीय किसान यूनियन के नगर अध्यक्ष हारून गौश सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे। वहीं रामबाबू के धरने पर बैठने की सूचना से प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।















































































