एसएसपी ने अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध और कानून व्यवस्था की समीक्षा की
बदायूँ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने मंगलवार को पुलिस लाइंस सभागार में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं शाखा प्रभारियों के साथ मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित कर अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में लंबित विवेचनाओं, महिला एवं बाल अपराध, साइबर अपराध, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, मिशन शक्ति अभियान तथा ट्रैफिक व्यवस्था सहित विभिन्न बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई।बैठक के दौरान एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि लुटेरे, चोर, टॉप-10 अपराधी, हिस्ट्रीशीटर, ईनामिया बदमाश तथा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों पर सतत निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। गैंगस्टर एक्ट के अभियोगों में अपराधियों की अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर धारा 14(1) के अंतर्गत जब्तीकरण की कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए।शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता बरतने के निर्देशएसएसपी ने कहा कि थानों पर आने वाले प्रत्येक शिकायतकर्ता की समस्याओं को गंभीरता और सहानुभूति के साथ सुना जाए तथा उनका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। आईजीआरएस एवं पीजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित प्रभारियों को दिए गए।उन्होंने लंबित विवेचनाओं, प्रार्थना पत्रों और सम्मन-वारंट की समय से तामील कराने पर विशेष जोर दिया। साथ ही गवाहों की समय से न्यायालय में उपस्थिति और महिला संबंधी मुकदमों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए।महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति अभियान पर विशेष फोकसठक में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित मिशन शक्ति फेज-5.0 अभियान की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने महिला हेल्पडेस्क, एंटी रोमियो टीम, शक्ति दीदी और महिला बीट आरक्षियों को गांवों, मोहल्लों, स्कूलों, कॉलेजों एवं कोचिंग संस्थानों में जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा, हेल्पलाइन नंबरों, सुरक्षा अधिकारों और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण का अनुभव हो सके। महिला एवं बाल अपराध से संबंधित मामलों में अत्यंत गंभीरता बरतते हुएअपहृताओं की सकुशल बरामदगी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।साइबर अपराध, एनडीपीएस और ऑपरेशन त्रिनेत्र पर समीक्षासीसीटीवी कैमरों और डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत बनाने पर जोरबैठक में साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल साक्ष्यों के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा की गई। ई-साक्ष्य एप, ई-सम्मन और यक्ष एप की शत-प्रतिशत फीडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विवेचना में एसआईडी लिंकिंग को अनिवार्य रूप से लागू करने को कहा गया।















































































