बरेली । स्वर संगम सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में एक विचार गोष्ठी का आयोजन मिनी बाईपास रोड स्थित विपिन अस्पताल के ऑडिटोरियम में किया गया । विचार गोष्ठी का विषय था – ” लोकगीतों में सांस्कृतिक चेतना ” ।गोष्ठी की अध्यक्षता संस्था के संरक्षक डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा ने की । कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था के अध्यक्ष उमेश चन्द्र गुप्ता द्वारा किया गया । प्रोफेसर विनीता सिंह द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वन्दना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ ।इस अवसर पर डॉक्टर विपिन वार्ष्णेय ने कहा कि सनातन संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध संस्कृति है । उन्होने भारतीय काल गणना की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि भारतीय कालगणना सबसे शुद्ध और प्रमाणिक है ।संस्था अध्यक्ष उमेश चन्द्र गुप्ता ने एक भावपूर्ण लोकगीत प्रस्तुत किया । उन्होने कहा कि लोकगीत और लोक उत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं । उन्होने बताया कि संस्था द्वारा आगामी 02 जून को छात्र/ छात्राओं के मध्य हनुमान चालीसा गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा ।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भारतीय संस्कृति को नष्ट करने का हर सम्भव प्रयास किया मगर बे इसमें सफल नहीं हो सके भारतीय संस्कृति का शंखनाद आज पूरे विश्व में गूंज रहा है । उन्होने कहा कि लोकगीतों लोक उत्सवों और लोक परम्पराओं ने हमारी सनातन संस्कृति को जीवन्त बनाए रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । इस अवसर पर प्रमोद कुमार मिश्रा,सुरेश चन्द्र शर्मा , कुलदीप वर्मा एडवोकेट, संजीव शंखधार, विनीता सिंह, राजेंद्र गंगवार, मोहित गुप्ता, आयुष्मान, शिवाय आदि उपस्थिति रहे Iकार्यक्रम के अंत में संगठन के अध्यक्ष उमेश चन्द्र गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया I