पंजाबी महासभा ने ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ में 80 छात्र-छात्राओं को नवाजा, मेधावी बच्चों के चेहरे पर खिली मुस्कान
बरेली। अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों और सेवा कार्यों के लिए सदैव अग्रणी रहने वाली पंजाबी महासभा द्वारा गुरुवार को राजेंद्र नगर स्थित एक होटल में ‘प्रतिभा सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम के माध्यम से कक्षा 1 से 5 तक के उन मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी शैक्षणिक प्रतिभा के बल पर विद्यालय स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त कर समाज का मान बढ़ाया है।पंजाबी महासभा केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सेवा का एक जीवंत प्रतीक बनकर उभरी है। सभा का मानना है कि प्रतिभा केवल उच्च शिक्षा या बड़े आयोजनों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि नींव को मजबूत करना ही राष्ट्र की असली सेवा है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए महासभा ने उन नन्हे बच्चों का हाथ थामने का बीड़ा उठाया, जिनके आत्मविश्वास को तराशने के लिए अक्सर मंच उपलब्ध नहीं हो पाते। कार्यक्रम के दौरान लगभग 80 बच्चों को मेडल, मोमेंटो और प्रशंसा पत्र देकर उनके हौसलों को नई उड़ान दी गई।मुख्य अतिथि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शशांक भाटिया ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए एक प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा ”ये नन्हे बच्चे केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि आने वाले समय के वे शिल्पकार हैं जिनके कंधों पर विकसित भारत की जिम्मेदारी होगी। शिक्षा का अर्थ केवल अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण है। पंजाबी महासभा ने प्राथमिक स्तर के बच्चों की प्रतिभा को पहचानकर समाज के प्रति अपनी गहरी संवेदनशीलता का परिचय दिया है। जब एक छोटे बच्चे को मंच पर सम्मानित किया जाता है, तो उसके भीतर जीवन भर के लिए कुछ बड़ा करने का संकल्प जन्म लेता है।”बच्चों के चेहरे की मुस्कान ही समाज का वास्तविक सुख। दुर्विजय सिंह शाक्यभाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य ने अपने संबोधन में संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ”आज इन मासूम बच्चों के चेहरे की खिलखिलाहट देखकर जो आत्मिक संतोष मिला है, वह किसी भी पुरस्कार से बड़ा है। बचपन की यह छोटी सी सराहना भविष्य में सफलता की बड़ी गाथा लिखेगी। पंजाबी महासभा द्वारा किया गया यह प्रयास बच्चों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए प्रेरित करेगा और उन्हें यह विश्वास दिलाएगा कि समाज उनके परिश्रम का सम्मान करता है।”नगर के प्रथम नागरिक और महापौर उमेश गौतम ने पंजाबी महासभा को बधाई देते हुए कहा ”शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो या समाज सेवा, यह संस्था निरंतर ऐसे कार्य कर रही है जो समाज के लिए अनुकरणीय हैं। शिक्षकों का सम्मान करना और बच्चों को पुरस्कृत करना हमारी संस्कृति की जड़ों को मजबूत करता है। ऐसे आयोजनों से शहर में शिक्षा के प्रति एक सकारात्मक वातावरण निर्मित होता है।
समारोह में शिशु मंदिर आलमगीर गंज, श्री साईं नाथ शिशु मंदिर, संत रविदास सरस्वती शिशु मंदिर, दयानंद मांटेसरी स्कूल मॉडल टाउन और सेक्रेड हार्ट्स स्कूल के प्रतिभावान बच्चों ने शिरकत की। आयोजन की विशेष बात यह रही कि केवल छात्र ही नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने वाले गुरुजनों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
गरिमामयी उपस्थितिकार्यक्रम का सफल और संयुक्त संचालन नगर अध्यक्ष संजय आनंद और महिला अध्यक्ष मनीषा आहूजा ने किया। इस गरिमामयी अवसर पर जिला अध्यक्ष अशोक अरोड़ा, संरक्षक गुलशन आनंद, रोमी सेठी, देवराज चंडोक, जिला महामंत्री यतिन भाटिया, अंकित भाटिया, गोलू महेंद्रु, अतुल कपूर, सतीश चंद्र कातिब (मम्मा), विशाल मल्होत्रा, तिलक राज डुसेजा, ज्ञानी काला सिंह, मीडिया प्रभारी अमित अरोरा, महेंद्र पाल सिंह, जिला अध्यक्ष (महिला) जूही चावला, तरुण जकोता, रोहित अग्रवाल, हरजीत सिंह जौहर, नेहा साहनी, आरती पूरी, नीतू शेट्टी, सिम्मी आनंद, नमित गुलाटी एवं संजीव आनंद सहित महासभा के तमाम पदाधिकारी और अभिभावक उपस्थित रहे।















































































