गन्ना भुगतान और आवारा पशुओं के मुद्दे पर बरसे पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार, दिया धरना
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में किसानों की समस्याओं को लेकर सियासत गर्मा गई है। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार ने अपने घर के पास से पद यात्रा निकाली और चौकी चौराह पर महात्मा गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे विशाल सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान सपा नेताओं ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किसानों की बदहाली के लिए उनकी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। धरने के पश्चात कार्यकर्ताओं ने बरेली मण्डल की मंडल आयुक्त को संबोधित ज्ञापन उप मंडल आयुक्त को सौंपकर किसानों के बकाया भुगतान सहित 11 सूत्रीय मांगों के तत्काल समाधान की अपील कीपूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार ने मीडिया से रूबरू होते हुए सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि जिले के किसान आर्थिक तबाही के मुहाने पर खड़े हैं। नवाबगंज की ओसवाल ओवरसीज लिमिटेड चीनी मिल पर किसानों का लगभग 72 करोड़ रुपये और बहेड़ी की केसर शुगर मिल पर करीब 130 करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चीनी मिलों से भुगतान कराने में पूरी तरह विफल रही है, जिसके कारण किसान अपने बच्चों की स्कूल फीस और शादियों जैसे जरूरी खर्चों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। गंगवार ने आवारा पशुओं की समस्या को ‘जानलेवा’ बताते हुए कहा कि किसान कड़कड़ाती ठंड और गर्मी में रात-भर जागकर अपनी फसलों की रखवाली कर रहे हैं, फिर भी छुट्टा पशु उनकी मेहनत को रौंद रहे हैं।धरने में मौजूद सपा नेता डॉ. अनीस बेग ने भी किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि नवाबगंज चीनी मिल को बंद किए जाने से क्षेत्र का किसान असमंजस में है कि उसका बकाया पैसा कब और कैसे मिलेगा। उन्होंने सरकारी पेयजल योजनाओं में भ्रष्टाचार, राशन कोटेदारों द्वारा अवैध वसूली और सरकारी अस्पतालों में इलाज की शिथिलता जैसे मुद्दों पर भी प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया डॉ. बेग ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने समय रहते गन्ना किसानों का उचित मूल्य तय नहीं किया और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित नहीं किया, तो समाजवादी पार्टी इस आंदोलन को तहसील स्तर से उठाकर प्रदेश स्तर तक ले जाएगी।
कमिश्नर को सौंपे गए ज्ञापन में सपा ने नवाबगंज के 156 प्राइमरी स्कूलों को बंद किए जाने के फैसले को भी जनविरोधी बताया। नेताओं का तर्क है कि 50 बच्चों के मानक के आधार पर स्कूल बंद करने से गरीब किसान के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। इसके अलावा, धान खरीद में हुई धांधली, सरकारी आवासों के आवंटन में भ्रष्टाचार और राजस्व विभाग द्वारा वरासत दर्ज करने में की जा रही अवैध वसूली को रोकने की भी पुरजोर मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष सुभलेश यादव , पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, इंजिनियर अनीश अहमद महिपाल सिंह यादव, संजीव यादव और गुड्डू यादव सहित भारी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।















































































