बरेली। भोजीपुरा क्षेत्र के गांव तजुआ निवासी अधिवक्ता मुरारी लाल के नाबालिग बेटे की हत्या के मामले में कार्रवाई न होने से अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। शनिवार को बड़ी संख्या में वकील वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपा।मुरारी लाल ने शिकायत में बताया कि उनका नाबालिग पुत्र आलोक विराट 7 अप्रैल की सुबह करीब 7 बजे घर से लापता हो गया था। आरोप है कि रंजिशन उसकी हत्या कर शव को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि 9 अप्रैल को एसएसपी से शिकायत के बाद शाम करीब 6:50 बजे बेटे का शव फंदे से लटका मिला, जिसकी परिस्थितियां संदिग्ध थीं।रिजनों का आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों से पुरानी रंजिश चल रही थी, जिसके चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। उन्होंने नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, उनके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगालने और पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है।अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि थाना पुलिस और विवेचक ने अब तक पीड़ित परिवार से संपर्क नहीं किया और न ही मामले में कोई ठोस कार्रवाई हुई है। इससे न्याय मिलने में देरी हो रही है।ज्ञापन में मांग की गई कि मामले की जांच उच्च स्तरीय टीम से कराई जाए, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर साजिश का पर्दाफाश किया जाए और आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। शिकायत के दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज हरित , एडवोकेट अमर सिंह , कपिल , ऋषिपाल सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे।