बरेली। बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी ख़ाँ ने टीम के साथ किया फूलों से इस्तक़बाल। मुकद्दस सफर-ए-हज पर जाने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में मोहल्ला बानखाना के निवासी और बरेली हज सेवा समिति के मंडल महासचिव डॉ. कासिमुद्दीन अपनी पत्नी के साथ मदीना शरीफ के लिए रवाना हुए। वर्षों से हज यात्रियों की सेवा में समर्पित डॉ. कासिमुद्दीन को अब खुद अल्लाह के घर की हाजिरी का सौभाग्य मिला है।मैदान-ए-अराफात में देश की तरक्की के लिए करेंगे दुआ।रवानगी के वक्त भावुक होते हुए डॉ. कासिमुद्दीन ने कहा, “यह सब दुआओं का सिला है कि आज मैं खुद इस पाक सफर पर जा रहा हूं। मुझे अल्लाह के घर में भी हज यात्रियों की खिदमत करने का अवसर मिला है। मैं मैदान-ए-अराफात में उन सभी लोगों के लिए दुआ करूंगा जिन्होंने मुझसे दुआ के लिये कहा है, साथ ही अपने देश की खुशहाली, तरक्की और अमन-चैन के लिए भी विशेष दुआ करूंगा।” बरेली हज सेवा समिति के संस्थापक पम्मी खाँ वारसी ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर आज़मीन-ए-हज का फूलों के साथ इस्तकबाल किया और उन्हें सफर की मुबारकबाद दी। इस दौरान समिति द्वारा हज यात्रा के दौरान ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।इस मौके पर आज़मीन को विदा करने के लिए बड़ी संख्या में उनके परिजन और समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:बरेली हज सेवा समिति के मंडलाध्यक्ष अहमद उल्लाह वारसी,प्रोफेसर शफीकुद्दीन,हाजी उवैस खान,दानिश खान,हाजी अजीम हसन,हाजी फैसल शम्सी,हाजी साकिब रज़ा खाँ,नजमुल एसआई खान आदि रहे। विदाई के समय माहौल बेहद रूहानी रहा और अज़ीज़दारों ने नम आंखों और दुआओं के साथ अपने अपनों को इस पवित्र यात्रा के लिए रवाना किया।