सांसद छत्रपाल गंगवार ने किया कैंप का उद्घाटन
बरेली। जनपद बरेली में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 24 मार्च से 100 दिवसीय सघन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। इसी क्रम में आज सांसद छत्रपाल गंगवार ने शहरी क्षेत्र बिहारीपुर में आयुष्मान शिविर का उद्घाटन किया। उन्होंने एक्स-रे कराने आए सभी लोगों से जनपद में संचालित टीबी कार्यक्रम के बारे में जानकारी ली। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और शिविर में हो रही निःशुल्क एक्स-रे एवं अन्य जांचों का लाभ उठाएं। यदि कोई व्यक्ति टीबी रोगी पाया जाता है, तो उसका उपचार का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सभी अधिक से अधिक संख्या में आकर जांच कराएं और इस सघन अभियान का हिस्सा बनें। इसकी शुरुआत अपने घर से करें। साथ ही अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग कराएं, ताकि कोई भी टीबी का मरीज उपचार से वंचित न रहे। आपका सहयोग महत्वपूर्ण है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. इंतजार हुसैन ने बताया कि 100 दिवसीय जागरुकता अभियान के लिए राज्य स्तर से उच्च जोखिम वाले गांव की सूची निर्धारित करके भेजी गई है। वह सूची सभी ब्लॉक को उपलब्ध करा दी गई है। उन ग्राम और शहरी आबादी में संचालित 6 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों के द्वारा गांव-गांव जाकर एक्स-रे किए जा रहे हैं, साथ ही एक्स-रे की रिपोर्ट सही नहीं आने पर उनके बलगम के सैंपल भी जांच के लिए लिए जा रहे हैं । कैंप में टीबी के साथ-साथ अन्य जांच भी की जा रही हैं।
इस जनसंख्या को है अधिक खतरा
60 वर्ष तक के व्यक्तियों, धूम्रपान करने वाले व्यक्ति, शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति, शुगर ग्रसित व्यक्ति, कुपोषित व्यक्ति, टीबी मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों, पिछले पांच वर्ष में टीबी स्वस्थ हुए टीबी रोगियों, कॉनग्रीगेट साइट, कारागार में निरुद्ध कैदी, वृद्धाश्रम व रैन बसेरों और आवासीय स्कूलों में रहने वाले छात्र-छात्राओं को लक्ष्य मानकर उनकी टीबी की जांच की जाएगी व उनको टीबी के प्रति जागरुक किया जाएगा।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें खांसी दो सप्ताह से , बुखार , सीने में दर्द , मुंह से खून आना ,थकान , सांस लेने में तकलीफ , गर्दन में गिल्टी, गांठ, बांझपन आदि रात में पसीना आना, वजन कम होना, भूख न लगना है।















































































