खनन विभाग का रिकॉर्ड प्रदर्शन, 160% राजस्व वसूली के साथ 41.39 करोड़ की ऐतिहासिक वसूली
बरेली। जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देशन में जनपद बरेली के खनन विभाग ने वित्तीय वर्ष में शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्व वसूली के नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं। अपर जिलाधिकारी (प्रभारी खनन) संतोष सिंह के नेतृत्व में खनन अधिकारी मनीष कुमार की टीम ने 26 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 41 करोड़ 39 लाख रुपये की वसूली कर लगभग 160 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति हासिल की है। खनन विभाग की इस बड़ी सफलता के पीछे अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के खिलाफ चलाया गया सघन अभियान प्रमुख कारण रहा। विभाग द्वारा लगातार छापेमारी और निगरानी के चलते अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध खनन और परिवहन से जुड़े मामलों में करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं से भी 5 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जमा कराई गई, जिससे कुल राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। खनन अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि विभाग द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए 60 से अधिक आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई गई है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से खनन माफियाओं में हड़कंप की स्थिति है। उन्होंने यह भी बताया कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए वह स्वयं और उनकी टीम लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर गतिविधियों पर नजर रख रही है। मनीष कुमार ने यह भी खुलासा किया कि खनन माफियाओं द्वारा उनके और उनकी टीम पर कई बार जानलेवा हमले किए जा चुके हैं। इन घटनाओं के संबंध में जनपद के विभिन्न थानों में कुल 6 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। इसके बावजूद विभाग द्वारा कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है और अवैध खनन के खिलाफ अभियान लगातार जारी है।
उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी विभाग ने लक्ष्य से अधिक राजस्व अर्जित किया था, लेकिन इस वर्ष का प्रदर्शन उससे भी बेहतर रहा है। पूर्व में जहां लक्ष्य प्राप्त करना ही बड़ी उपलब्धि माना जाता था, वहीं अब विभाग ने लक्ष्य से कहीं अधिक राजस्व अर्जित कर नया मानक स्थापित किया है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अवैध खनन को पूरी तरह समाप्त करने और राजस्व वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इसी तरह सख्त और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे कानून व्यवस्था और सरकारी आय दोनों मजबूत बनी रहें।















































































