बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले युवा श्रीमाली कल्याण समिति द्वारा शनिवार को महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने उनके जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए समाज सुधार में उनके योगदान को याद किया।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महात्मा फुले ने अपने जीवन में शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार माना और पिछड़े, गरीब एवं वंचित वर्ग को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक स्कूल खोले और समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।इस दौरान महात्मा ज्योतिबा फुले के योगदान को याद करते हुए बताया गया कि उनका जीवन नैतिकता, साहस और समाज सेवा के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक रहा है। वहीं सावित्रीबाई फुले के प्रयासों को भी सराहा गया, जिन्होंने लड़कियों की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर राम प्रकाश ठाकुर, संजीव मौर्य, पूरन लाल प्रजापति, महेश श्रीमाली, अशोक श्रीमाली सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।