बरेली। महात्मा ज्योतिबा रुहेलखंड विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले शोधपीठ के तत्वावधान में कमेटी हॉल में महात्मा ज्योतिबा फुले की 199वीं जयंती की पूर्व संध्या पर विचार गोष्ठी एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने की।इस अवसर पर शोधपीठ के समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार एवं डॉ. कामिनी विश्वकर्मा द्वारा लिखित पुस्तक “महात्मा ज्योतिबा फुले: एक महान राष्ट्र निर्माता” का विमोचन कुलपति प्रो. के.पी. सिंह एवं कुलसचिव हरिशचंद्र द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने अपने संबोधन में महात्मा फुले के सामाजिक और राष्ट्रीय योगदानों को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे समय में मजदूरों, किसानों और महिलाओं की शिक्षा के लिए संघर्ष किया, जब लोकतंत्र का अस्तित्व नहीं था। उन्होंने विधवा विवाह, बालगृह और सामाजिक समानता जैसे विषयों को आगे बढ़ाया, जो उस दौर में अत्यंत चुनौतीपूर्ण थे। डॉ. सुरेश कुमार ने कहा कि महात्मा फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर सामाजिक न्याय और लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी। वे अधिकारविहीन लोगों की सशक्त आवाज थे और उन्होंने समाज के वंचित वर्ग को जागरूक किया। कार्यक्रम का संचालन हरिमोहन वर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कामिनी विश्वकर्मा ने प्रस्तुत किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, पुस्तकालय कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।