बरेली। पुराना शहर स्थित दरगाह शाहदाना वली पर पाँच रोज़ा सतरहवीं शरीफ के उर्स-ए-मुबारक की शुरुआत 4 अप्रैल से होगी। उर्स को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।दरगाह के मुतवल्ली सूफी अब्दुल वाजिद ख़ाँ बब्बू मियां ने बताया कि उर्स मुबारक पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मनाया जाएगा। इसके लिए कमेटी का गठन कर सभी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। उर्स का आगाज 4 अप्रैल को बाद नमाज-ए-फज्र मजार शरीफ पर कुरआन ख्वानी की रस्म से होगा, जबकि रात में बाद नमाज-ए-इशा उलेमा-ए-इकराम की तकरीरी महफिल सजेगी।उर्स के आगामी कार्यक्रमों के अनुसार 5 अप्रैल को सुबह कुरआन ख्वानी और रात में महफिल-ए-समां आयोजित होगी। 6 अप्रैल को बाद नमाज-ए-असर हजरत शाहदाना वली रहमतुल्लाह अलैह का कुल शरीफ होगा। 7 अप्रैल को बाद नमाज-ए-असर हजरत केले शाह बाबा के कुल शरीफ की रस्म अदा की जाएगी, जिसके बाद महफिल-ए-समां होगी। 8 अप्रैल को सुबह 10:10 बजे हजरत सैय्यद बाबा के कुल शरीफ के साथ उर्स का समापन किया जाएगा।उर्स-ए-पाक के सभी कार्यक्रम शहजादा-ए-हजूर तहसीन-ए-मिल्लत सूफी रिजवान रजा खां कादरी साहब की निगरानी में संपन्न होंगे।दरगाह के मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने बताया कि उर्स के मद्देनजर नगर निगम से साफ-सफाई, विद्युत विभाग से निर्बाध बिजली आपूर्ति तथा पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है।उर्स की व्यवस्थाओं में वसी अहमद वारसी, गफूर पहलवान, गुल्लन खां, अब्दुल सलाम नूरी, जावेद खां, भूरा साबरी, सईद अब्बासी, शहजाद अंसारी, शाकिर उर्फ चीना, रजवी पेंटर, मोहम्मद सलीम रजा, मो. शान, नौशाद गोसी सहित बड़ी संख्या में लोग जुटे हुए हैं।