बरेली। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत बरेली पुलिस को दो महत्वपूर्ण मामलों में सफलता मिली है। प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने हत्या और दुष्कर्म के मामलों में आरोपियों को कठोर सजा सुनाई है।पहले मामले में थाना इज्जतनगर क्षेत्र के ग्राम अहलादपुर निवासी वादी इन्द्रपाल ने वर्ष 2019 में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि गांव के ही किशन श्रीवास्तव उर्फ कृष्णा और हिमांशु शर्मा ने 11 वर्षीय बालक गुलाब सिंह को पैसों का लालच देकर अपने साथ ले जाकर उसकी हत्या कर शव गन्ने के खेत में छिपा दिया था। मामले में थाना इज्जतनगर पर हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने सहित एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। इसके बाद एससी/एसटी कोर्ट बरेली ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 201 में सात-सात वर्ष का कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 363 में तीन-तीन वर्ष का कारावास और 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दूसरे मामले में थाना सिरौली क्षेत्र में वर्ष 2021 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि गांव निवासी खुशीराम नाबालिग को घर से उठाकर जंगल में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था।पॉक्सो-03 कोर्ट बरेली ने आरोपी खुशीराम को दोषी मानते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 4 में 10 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड तथा एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।इन मामलों में प्रभावी पैरवी और सजा दिलाने में अंशिका वर्मा, अभियोजन अधिकारियों, विवेचकों और कोर्ट पैरोकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।