केन्द्रीय सिविल सेवा पेंशन नियमावली वैधता अधिनियम के विरोध में प्रदर्शन, पीएम को भेजा ज्ञापन
बदायूं। आल इन्डिया स्टेट पेंशनर्स फेडरेशन के आव्हान पर संयुक्त पेन्शनर्स कल्याण समिति उत्तर प्रदेश जनपद शाखा बदायूँ के तत्वाधान में भारत सरकार द्वारा वित्त विधेयक के माध्यम से पारित केन्द्रीय सिविल सेवा (पेन्शन नियमावली) वैधता अधिनियम 2025 के विरोध में जनपद संयोजक संतोष कुमार शर्मा के नेतृत्व में जिलाधिकारी बदायूँ के प्रतिनिधि सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधान मंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया गया। विरोध दिवस के अवसर पर प्रमुख रूप से समिति के संरक्षक गुलाब सिंह राठौर, सह संयोजक अशोक्त सक्सेना, कोषाध्यक्ष दिलीप अग्रवाल, राजकीय सिविल पेंशनर्स परिषद के आचार्य प्रताप सिंह, डिप्लोमा इंजीरियर्स कल्याण संघ के इंजीनियर राधेश्याम प्रान्तीय चिकित्सा रिटायर्ड ऑफिसर्स एसोसिएशन के डा. अनिल कुमार चौहान, विद्युत पेन्शनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के ओंकार सक्सेना, वरिष्ठ नागरिक पेन्शन सेवा संस्थान के प्रमोद कुमार मिश्रा एवं विभिन्न विभागों के पेन्शनर्स ने काली पट्टी बाँधकर अपना विरोध व्यक्त किया। राजकीय सिबिल पेन्शनर्स परिषद के उपाध्यक्ष रवीन्द्र मोहन सक्सेना ने कहा कि भारत सरकार वैधता अधिनियम के माध्यम से पेन्शनर्स के बीच भेदभाव की स्थिति उत्पन्न करती है जोकि समानता, न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा की नीति के सर्वथा विपरीत है।विद्युत पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सक्सेना ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय की भावना के विपरीत वैधता अधिनियम
को लागू करना न्यायोचित नहीं हैं, इस अधिनियम की समाप्त करना आवश्यक है।
नागरिक पेन्शन सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्रा ने कहा कि वैधता अधिनियम पेंशनर्स के लिए काला कानून है,उक्त अधिनियम पेंशनर्स के हितों पर कुठाराघात है, इसको हटाया जाना अति आवश्यक है।
डिप्लोमा इंजीरियर्स कल्याण संघ के इंजीनियर राधेश्याम एवं भूपाल सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि इस अधिनियम के प्रावधानों से पेंशनर्स के बीच सेवानिवृति तिथि के आधार पर विभेद की स्थिति उत्पन्न होती है अतः सरकार को पुर्नविचार कर अधिनियम को वापस लेना चाहिए।
उ० प्र० पुलिस पेन्शनर्स संस्थान के सूरजभान सिंह, एवं सुरेश चन्द्र सक्सेना ने कहा कि सरकार उक्त अधिनियम के माध्यम से पेन्शनर्स को आठवें वेतन आयोग के लाभों से बंचित करना चाहती है।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों एवं संगठनों के पदाधिकारी एवं पेन्शनर्स भारी संख्या में उपस्थित रहे जिसमें प्रसुख रूप से बृजेश चौहान, महेन्द्र सिंह राठौर, ओ. पी.शर्मा,राम किशोर सक्सेना, सत्य पाल, अखलाक हुसैन, छोटे लाल बौद्ध, जररार हैदर, महेन्द्र सिंह यादव, गयादीन मौर्य, भगवान स्वरूप, सूरजपाल, सुभाष राठौर, विक्रम सिंह, नैनपालसिंह, मोहम्मद अहमद, शब्बीर, श्याम मोहन, निरंकार सक्सेना, मनसुख लाल गुप्ता, प्यारे लाल पाल, सुरेश चन्द्र शर्मा, सुरेन्द्र पाल सिंह इत्यादि उपस्थित रहे।














































































