बरेली । जनपद के राजकीय विद्यालयों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों को लगभग तीन माह से मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है। इस गंभीर समस्या को लेकर शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद बरेली के जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मी विद्यालयों की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने बताया कि तीन माह से वेतन न मिलने के कारण कर्मियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, जिससे उनके परिवारों का भरण-पोषण करना भी कठिन हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार एवं संबंधित विभागों को इस समस्या का संज्ञान लेते हुए तत्काल समाधान करना चाहिए। वर्तमान समय में महंगाई लगातार बढ़ रही है और ऐसे में वेतन न मिलना कर्मचारियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद बरेली आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। जिलाध्यक्ष हरी शंकर ने यह भी मांग की कि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मानदेय भुगतान की प्रक्रिया को नियमित और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि कर्मचारियों को समय पर उनका अधिकार मिल सके। इस मौके पर अन्य पदाधिकारियों ने भी कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।