बदायूँ।जनहित सत्याग्रह मोर्चा, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन और नव क्रांति दल (छात्र संगठन) के संयुक्त तत्वाधान में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। ज्ञापन से पहले हुई सभा में उपस्थित वक्ताओं ने शाहजहांपुर नगर निगम द्वारा किए गए इस कृत्य और शहीदों के अपमान के खिलाफ रोष व्यक्त किया।वक्ताओं ने कहा कि हमारे देश के महान क्रांतिकारियों के संघर्षों और बलिदानों के कारण ही देश आजाद हो पाया था। लेकिन दुखद है कि हमारी इस क्रांतिकारी विरासत को कुत्सित इरादों से मिटाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन आज की फासीवादी ताकतें भूल जाती हैं कि क्रांतिकारियों की विरासत और उनके सपनों को आगे बढ़ाने के लिए देश में लोग मौजूद है। इन महान क्रांतिकारियों की मूर्तियां तोड़ने से उनके विचारों को नहीं मिटाया जा सकता।वक्ताओं ने बताया टाउन हॉल, शाहजहांपुर में 1972 में स्थापित काकोरी एक्शन के अमर शहीद पं. रामप्रसाद बिस्मिल,अशफ़ाक उल्ला खान और ठा.रोशन सिंह की प्रतिमाएं आज प्रातः 3 बजे अंधेरे में बहुत अपमानजनक ढंग से बुल्डोजर से तोड़ कर गिरा दी गईं और मलवा भी बहुत जल्द हटाकर गायब कर दिया गया।शाहजहांपुर में शहीदों को अपमानित करने वाला यह कृत्य ऐसे समय में किया गया जब पूरे देश में 23 मार्च से एक दिन पहले से लेकर 23 की रात तक शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर उन महान क्रांतिकारी शहीदों को याद किया जा रहा था। यह कृत्य देश के क्रांतिकारी शहीदों की शहादत को अपमानित करने वाला है। साथ ही साथ साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष की विरासत पर धब्बा है। साम्राज्यवाद विरोधी संघर्ष और शहीदों की शहादत के इस अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।