आशा वर्कर्स यूनियन ने लंबित भुगतान व उत्पीड़न के खिलाफ सौंपा ज्ञापन
बरेली। विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की जिला अध्यक्ष शिववती साहू के नेतृत्व में सेठ दामोदर स्वरूप पार्क से प्रदर्शन करते हुए जिला अधिकारी कार्यालय पहुंची मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।ज्ञापन में यूनियन की अध्यक्ष शिववती साहू ने बताया कि 6 फरवरी को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के साथ हुई वार्ता के बाद 55 दिन से चल रहा आंदोलन समाप्त किया गया था। उस दौरान सरकार ने अधिकांश मांगों पर सहमति जताते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति गठित कर तीसरे चरण की वार्ता में अंतिम निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। 9 फरवरी को समिति और यूनियन पदाधिकारियों के बीच बैठक भी हुई, लेकिन अब तक तीसरे चरण की वार्ता आयोजित नहीं की गई है।
यूनियन का आरोप है कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों के बावजूद आधारभूत भुगतान में वृद्धि सहित अन्य मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में आशा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न जारी है।ज्ञापन में यह भी कहा गया कि वर्ष 2019 से 2023-24 तक की प्रोत्साहन राशि का बड़ा हिस्सा अब तक लंबित है। भुगतान की मांग करने पर आशा कार्यकर्ताओं को धमकाने और अवैध वसूली करने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।यूनियन के अनुसार, शासन द्वारा जारी 1090 करोड़ रुपये के आवंटन के बावजूद अधिकांश आशा कर्मियों को भुगतान नहीं मिल सका है। जहां भुगतान हुआ है, वहां भी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। आभा आईडी, आयुष्मान कार्ड, टीबी, कुष्ठ, फाइलेरिया, दस्तक अभियान, टीकाकरण और नसबंदी जैसे कार्यों के भुगतान भी वर्षों से लंबित हैं। आशाओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, इसके अलावा, वैक्सीन कोरियर जैसे कार्य आशा कर्मियों से कराए जा रहे हैं, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया जा रहा है। कई क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के अभाव के कारण भी आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि से वंचित होना पड़ रहा है।यूनियन ने अपनी मांगों में तीसरे चरण की वार्ता जल्द बुलाकर समझौते को अंतिम रूप देने, वर्ष 2019 से 2023 तक की बकाया प्रोत्साहन राशि का भुगतान सुनिश्चित करने, अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए सख्त आदेश जारी करने तथा वर्ष 2024-25 और 2025-26 की सभी बकाया प्रोत्साहन राशि 31 मार्च से पहले जारी कर उसका विवरण सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रदर्शित कराने की मांग की है।यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। ज्ञापन के दौरान कुमकुम , नीरवाला, चंचल , कमलेश , संगीता , मीरा देवी , राम बेटी , उर्मिला देवी , संजू देवी , मीना देवी, मनोरमा देवी , रूपवती , सरोज , नगमा , ओमवती , सुरजा देवी , उर्मिला , कुसुम कुमारी , सरिता यादव , निर्मला , प्रभा देवी आदि मौजूद थी।














































































