बरेली। छावनी परिषद द्वारा गांधी पार्क में “वेस्ट टू वंडर पार्क” का सफलतापूर्वक विकास किया गया है। इस अभिनव पहल के तहत अनुपयोगी और बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं को सृजनात्मक रूप देकर आकर्षक एवं उपयोगी संरचनाओं में परिवर्तित किया गया है। पार्क में प्लास्टिक, धातु, पुराने टायर सहित विभिन्न अपशिष्ट सामग्री का पुनः उपयोग करते हुए सुंदर कलात्मक प्रतिमाएं और संरचनाएं तैयार की गई हैं। ये न केवल दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश भी दे रही हैं। यह पहल नागरिकों को स्वच्छता एवं रीसाइक्लिंग के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ “रिड्यूस, रीयूज, रीसायकल” की अवधारणा को व्यवहारिक रूप में अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। पार्क में आने वाले नागरिकों, खासकर बच्चों और युवाओं में इस पहल को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। छावनी परिषद की मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार की पहलें जारी रखी जाएंगी। उन्होंने कहा कि छावनी क्षेत्र के अन्य पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर भी बेकार सामग्री का पुनः उपयोग कर ऐसी सृजनात्मक संरचनाएं विकसित की जाएंगी, जिससे स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। छावनी परिषद ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह की पहलों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और स्वच्छ व हरित वातावरण के निर्माण में सहयोग करें।