पड़ौवा और रसलपुर एनएसएस शिविरों में पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक उन्मूलन पर जोर
बदायूं, । राजकीय महाविद्यालय आवास विकास बदायूं की राष्ट्रीय सेवा योजना की द्वितीय इकाई का रसूलपुर बिल्हरी तथा तृतीय इकाई का पडौआ ग्राम में चल रहे सात दिवसीय शिविरों के तीसरे दिन पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक उन्मूलन दिवस मनाया गया। लक्ष्मीबाई इकाई की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ज्योति बिश्नोई के नेतृत्व में छात्राओं ने वृक्षारोपण, वृक्ष सुरक्षा और प्लास्टिक मुक्त अभियान पर ग्रामीणों को जागरूक किया। सावित्रीबाई टोली एवं रानी लक्ष्मीबाई टोली की स्वयंसेविकाओं ने डोर-टू-डोर सर्वे कर सूखे-गीले कचरे के अलग-अलग संग्रह तथा कपड़े के थैलों के उपयोग का आह्वान किया। बौद्धिक सत्र में ‘पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक उन्मूलन’ पर संगोष्ठी हुई, जिसमें मुख्य वक्ता हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. रविंद्र सिंह यादव ने कहा कि पर्यावरण—हवा, पानी, मिट्टी, वनस्पति और जीव-जंतुओं का समूह—संतुलित जीवन का आधार है, लेकिन प्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग इसे खतरे में डाल रहा है। सत्र की अध्यक्षता करते हुए डॉ. बबीता यादव ने प्लास्टिक कचरे से जल-भूमि प्रदूषण और जीव-जंतुओं की मृत्यु पर चिंता जताई तथा वृक्षारोपण और प्लास्टिक ह्रास की आवश्यकता बताई। शिविर में वैष्णो देवी, सरिता यादव, वैष्णवी मिश्रा, शिवानी, अंशिका शर्मा, पूर्णिमा तोमर, मुस्कान , महिमा, भावना सागर आदि छात्राएं सक्रिय रहीं।
एनएसएस अम्बेडकर इकाई के रसूलपुर में चल रहे शिविर में छात्र-छात्राओं ने प्लास्टिक उन्मूलन एवं पर्यावरण संरक्षण की जनजागरूकता रैली निकाली, जो पूरे गांव का भ्रमण कर प्राथमिक विद्यालय पर सभागार में परिवर्तित हुई। मुख्य वक्ता डॉ. रविंद्र सिंह यादव, विशिष्ट वक्ता डॉ. बबीता यादव, डॉ. सारिका शर्मा एवं डॉ. जुनेद आलम ने व्याख्यान दिए। संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने किया। ललिकराम, मोहिनी वार्ष्णेय, ऋतु पाठक, रोशनी, शीतल, अनामिका मिश्रा, रजनी आदि सक्रिय रहे।













































































