बिहार की सियासत में बढ़ी हलचल, जदयू नेताओं के बयान से नए सीएम पर सस्पेंस

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पटना। बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर अटकलों के बीच जनता दल यूनाइटेड के दो वरिष्ठ नेताओं के ताजा बयानों ने सियासी हलचल और बढ़ा दी है। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने शनिवार को दिए अपने बयानों में साफ कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभी तक पद से इस्तीफा नहीं दिया है, इसलिए नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा बेकार है।

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संजय झा ने कहा कि बहुत लोगों को लगता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं, लेकिन 2025 से 2030 तक बिहार में जो सरकार चलेगी वह उनके मार्गदर्शन में ही चलेगी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और सरकार को गाइड करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि निशांत कुमार रविवार से जदयू के कामकाज में औपचारिक रूप से सक्रिय हो जाएंगे। संजय झा ने कहा कि जनता ने 2025 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में जनादेश दिया है और पूरे बिहार को भरोसा है कि उनके नेतृत्व में राज्य सुरक्षित है।

वहीं जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी साफ कहा कि जब तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक नए मुख्यमंत्री को लेकर सवाल उठाना बेमतलब है। उन्होंने कहा कि एनडीए के नेता नीतीश कुमार हैं और उन्हें ही जनादेश मिला है। कुशवाहा ने कहा कि जब समय आएगा तब नीतीश कुमार ही तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा के लिए नामांकन का फैसला भी नीतीश कुमार ने सोच-समझकर लिया है और पार्टी उनके हर निर्णय के साथ है।

दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने की इच्छा जताई है, लेकिन अभी तक उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वह 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव के परिणाम आने तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं। यहां तक कि 20 अप्रैल तक, जब राज्यसभा के पुराने सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होगा, तब तक भी वह पद पर बने रह सकते हैं।

इधर भाजपा के भीतर नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी जल्द फैसला लेना चाहती है ताकि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि अगर 16 मार्च के बाद इस्तीफा होता है तो 15 मार्च से शुरू होने वाला खरमास नई सरकार के गठन में बाधा बन सकता है।

इन सबके बीच महागठबंधन की ओर से भी लगातार सियासी संदेश दिए जा रहे हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि 2025 के जनादेश के आधार पर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाना बड़ी साजिश हो सकती है।

फिलहाल बिहार की राजनीति में नए मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। जदयू नेताओं के ताजा बयानों के बाद यह साफ हो गया है कि अंतिम फैसला खुद नीतीश कुमार के हाथ में ही है।

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