बरेली। 9 रमज़ान मुबारक, दिन शुक्रवार से हज़रत किबला शाह शराफत अली मियां रहमतुल्लाह अलैह का 59वां छमाही उर्स एवं पीरो-मुर्शिद शाह सकलैन मियां हुज़ूर रहमतुल्लाह अलैह का तीसरा छमाही उर्स अकीदत व एहतराम के साथ शुरू हो गया। उर्स के पहले दिन की शुरुआत सुबह बाद नमाज़-ए-फज्र कुरआन ख़्वानी से हुई। तीन रोज़ा छमाही ‘उर्स-ए-शराफती’ व ‘उर्स-ए-सकलैनी’ 9, 10, 11 रमज़ान मुताबिक 27, 28 फ़रवरी एवं 1 मार्च तक जारी रहेगा। खानकाह शरीफ के सज्जादानशीन हज़रत शाह मोहम्मद ग़ाज़ी मियाँ की सरपरस्ती व निगरानी में तमाम कार्यक्रम संपन्न किए जा रहे हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम 27 फ़रवरी (9 रमज़ान): बाद नमाज़ असर फ़ातिहा और बाद नमाज़ तरावीह मीलाद शरीफ। 28 फ़रवरी (10 रमज़ान): बाद नमाज़ असर फ़ातिहा एवं बाद नमाज़ तरावीह रमज़ान की फ़ज़ीलत व अज़मत पर तकरीर। 1 मार्च 2026 (11 रमज़ान): शाम 5:30 बजे कुल शरीफ और रोज़ा इफ्तार का एहतिमाम। उर्स में शिरकत के लिए दूर-दराज़ से मुरीदीन व ज़ायरीन की आमद शुरू हो गई है। महाराष्ट्र के मुंबई, मालेगांव, नासिक; गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, कच्छ, जेतपुर सहित बिहार, मध्यप्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, दिल्ली व उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से अकीदतमंद पहुंच रहे हैं। खानकाह शरीफ पर मेहमानों के ठहरने, इफ्तार व सहरी का विशेष इंतज़ाम किया गया है। अकीदतमंदों में उर्स को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।